संवाददाता | उरई/जालौन
उरई, 09 जुलाई 2026। उपायुक्त उद्योग, जिला उद्योग प्रोत्साहन एवं उद्यमिता विकास केंद्र धर्मेंद्र कुमार भास्कर ने बताया कि एक जनपद एक व्यंजन (ODOC) वित्त पोषण सहायता योजना के अंतर्गत जनपद जालौन के चयनित उत्पाद रसगुल्ला एवं गुजिया से जुड़े उद्योगों, सेवा एवं व्यवसाय को बढ़ावा देने के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
उन्होंने बताया कि इस योजना का लाभ होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा, मिठाई की दुकान संचालक, चयनित उत्पाद तैयार करने वाली संस्थाएं तथा नए उद्यमी अपने व्यवसाय की स्थापना अथवा विस्तार के लिए प्राप्त कर सकते हैं। इच्छुक आवेदकों को योजना के तहत ऑनलाइन आवेदन विभागीय पोर्टल पर करना होगा।
योजना के अंतर्गत आवेदन केवल विभागीय वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन स्वीकार किए जाएंगे।
योजना की प्रमुख पात्रता
- आवेदक की न्यूनतम आयु 18 वर्ष होनी चाहिए।
- किसी प्रकार की शैक्षणिक योग्यता अनिवार्य नहीं है।
- आवेदक ने भारत सरकार या उत्तर प्रदेश सरकार की किसी अन्य स्वरोजगार योजना का पूर्व में लाभ प्राप्त न किया हो।
- आवेदक अथवा उसके परिवार के किसी सदस्य को इस योजना का लाभ केवल एक बार ही मिलेगा।
- पात्रता संबंधी शपथ-पत्र एवं आवश्यक अभिलेख प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा।
- अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक, ट्रांसजेंडर, महिला एवं दिव्यांगजन को विशेष श्रेणी का लाभ सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी प्रमाण-पत्र के आधार पर दिया जाएगा।
योजना के तहत मिलने वाले लाभ
बैंक द्वारा स्वीकृत परियोजना लागत पर नियमानुसार 10 से 25 प्रतिशत तक ऋण पर अनुदान प्रदान किया जाएगा।
- सामान्य वर्ग के लाभार्थियों को परियोजना लागत का 10 प्रतिशत स्वयं अंशदान के रूप में जमा करना होगा।
- विशेष श्रेणी (एससी, एसटी, ओबीसी, अल्पसंख्यक, ट्रांसजेंडर, महिला एवं दिव्यांगजन) के लाभार्थियों को केवल 5 प्रतिशत अंशदान जमा करना होगा।
- उद्यम के दो वर्ष तक सफल संचालन के उपरांत मार्जिन मनी को अनुदान के रूप में बैंक ऋण में समायोजित किया जाएगा।
उपायुक्त उद्योग ने जनपद के इच्छुक उद्यमियों से अपील की है कि वे इस योजना का लाभ उठाकर स्वरोजगार को बढ़ावा दें तथा जनपद के चयनित पारंपरिक उत्पाद रसगुल्ला एवं गुजिया के उत्पादन एवं व्यवसाय को नई पहचान दिलाने में सहभागिता करें।