संवाददाता | उरई/जालौन
उरई/जालौन, 09 जुलाई 2026। जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने नगर पालिका परिषद कोंच का निरीक्षण कर नगर की मूलभूत नागरिक सुविधाओं एवं प्रशासनिक व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान सफाई व्यवस्था, पेयजल आपूर्ति, स्ट्रीट लाइट, कर वसूली, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, एमआरएफ सेंटर, सामुदायिक एवं पिंक शौचालयों के संचालन सहित विभिन्न व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया। इस दौरान पाई गई कमियों पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध ढंग से सुधार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण में कूड़ा प्रबंधन एवं स्टॉक रजिस्टर से संबंधित अभिलेख व्यवस्थित नहीं मिले। वहीं स्ट्रीट लाइट के स्टॉक रजिस्टर में एलईडी लाइटों की खरीद, वितरण, खराब होने एवं वापस प्राप्त होने का समुचित विवरण दर्ज नहीं पाया गया। इस पर जिलाधिकारी ने अभिलेखों को व्यवस्थित रखने तथा नगर की सभी खराब स्ट्रीट लाइटों को शीघ्र दुरुस्त कर प्रकाश व्यवस्था सुदृढ़ करने के निर्देश दिए।
पिंक टॉयलेट एवं सामुदायिक शौचालय बंद मिलने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि नागरिक सुविधाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने सुबह, दोपहर एवं शाम की शिफ्ट में कर्मचारियों की ड्यूटी निर्धारित कर शौचालयों का नियमित संचालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
पेयजल व्यवस्था की समीक्षा के दौरान नगर के नौ ट्यूबवेलों से संबंधित प्रस्तुत आंकड़ों में विसंगति मिलने पर जिलाधिकारी ने अधिशासी अधिकारी से स्पष्टीकरण तलब किया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि गलत सूचना देने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी तथा यदि जल संस्थान स्तर से गलत रिपोर्ट प्रस्तुत की गई है तो संबंधित के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
कर वसूली एवं विज्ञापन शुल्क की समीक्षा में प्रगति संतोषजनक न मिलने पर जिलाधिकारी ने अधिशासी अधिकारी से जवाब मांगा तथा नगर पालिका की आय बढ़ाने के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार कर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
एमआरएफ सेंटर एवं ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की समीक्षा करते हुए उन्होंने निर्देशित किया कि प्रतिदिन उत्पन्न होने वाले कूड़े का वैज्ञानिक एवं व्यवस्थित निस्तारण किया जाए तथा उपलब्ध संसाधनों का पूर्ण उपयोग सुनिश्चित किया जाए। साथ ही मानसून को देखते हुए नालों की सफाई, जल निकासी व्यवस्था एवं विशेष सफाई अभियान को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश भी दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि यह निरीक्षण विशेष रूप से मानसून की तैयारियों का आकलन करने के उद्देश्य से किया गया है। उन्होंने निर्देश दिए कि निरीक्षण के दौरान जिन बिंदुओं पर कमियां पाई गई हैं, उनका निर्धारित समय सीमा के भीतर निराकरण सुनिश्चित किया जाए। इसके साथ ही नगर में स्ट्रीट लाइट व्यवस्था को और बेहतर बनाने, सामुदायिक एवं पिंक शौचालयों के नियमित संचालन की जवाबदेही तय करने तथा विकास कार्यों में तेजी लाने के लिए नगर पालिका बोर्ड की बैठक शीघ्र आयोजित कर जनहित से जुड़े प्रस्तावों एवं लंबित टेंडरों का निस्तारण कराया जाए।
नगर की सीवर समस्या को गंभीर बताते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि इसके स्थायी समाधान के लिए शासन स्तर पर प्रस्ताव भेजा जा चुका है तथा विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। तब तक स्थानीय स्तर पर वैकल्पिक व्यवस्थाओं के माध्यम से जल निकासी की समस्या का प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जाए, ताकि बरसात के दौरान नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
निरीक्षण के दौरान प्रदीप गुप्ता, मुख्य विकास अधिकारी के.के. सिंह, उपजिलाधिकारी हेमंत पटेल, अधिशासी अधिकारी मोनिका उमराव, सभासदगण एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।