संवाददाता | उरई/जालौन
जनपद जालौन में आधुनिक कृषि तकनीकों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने ग्राम रंगोली में स्थापित अत्याधुनिक सेंट्रल पीवोट इरिगेशन सिस्टम का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने सिंचाई व्यवस्था का स्थलीय जायजा लेते हुए खेतों में आधुनिक तकनीक के उपयोग, जल उपलब्धता एवं किसानों को मिलने वाले लाभ की जानकारी संबंधित अधिकारियों से प्राप्त की।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने पाया कि सिंचाई के लिए उपयोग किए जा रहे तालाब में पानी का स्तर अपेक्षाकृत कम है। इस पर उन्होंने नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि नहरों का संचालन प्रारंभ हो चुका है, इसलिए तत्काल प्रभाव से नहर के माध्यम से तालाब को भरना सुनिश्चित किया जाए, ताकि किसानों को सिंचाई में किसी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े।
जिलाधिकारी ने कहा कि आधुनिक सिंचाई प्रणाली कृषि क्षेत्र में जल संरक्षण के साथ-साथ उत्पादन बढ़ाने का प्रभावी माध्यम है। सेंट्रल पीवोट इरिगेशन सिस्टम के माध्यम से कम पानी में अधिक क्षेत्र की सिंचाई संभव होती है, जिससे किसानों की लागत घटती है और फसलों की गुणवत्ता में सुधार होता है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि इस प्रकार की आधुनिक तकनीकों को जनपद में अधिक से अधिक बढ़ावा दिया जाए तथा किसानों को इनके उपयोग के प्रति जागरूक किया जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि शासन की प्राथमिकता किसानों को समय पर पर्याप्त सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराना है, जिससे कृषि उत्पादन को बढ़ावा मिल सके।