संवाददाता | कानपुर देहात
कानपुर देहात। अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) दुष्यन्त कुमार मौर्य ने आंधी-तूफान, भारी वर्षा एवं वज्रपात की संभावित घटनाओं को देखते हुए आमजन के लिए विस्तृत एडवाइजरी जारी की है। उन्होंने कहा कि वज्रपात के दौरान ऊंची इमारतों, पेड़ों, मनुष्यों तथा पशुओं पर बिजली गिरने की घटनाएं होती रहती हैं, जिससे जन-धन की हानि की आशंका बनी रहती है। ऐसे में सावधानी और पूर्व तैयारी ही इस प्राकृतिक आपदा से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है।
अपर जिलाधिकारी ने बताया कि विभिन्न आपदाओं के जोखिम को कम करने तथा समय रहते मौसम संबंधी चेतावनी प्राप्त करने के लिए सभी नागरिक अपने एंड्रॉयड मोबाइल फोन में ‘सचेत’ एवं ‘दामिनी’ मोबाइल ऐप अवश्य डाउनलोड करें। इन ऐप के माध्यम से समय-समय पर जारी मौसम पूर्वानुमान एवं एडवाइजरी का पालन कर संभावित नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
आंधी-तूफान एवं वज्रपात के दौरान क्या करें
- खुले स्थान पर होने पर तुरंत किसी सुरक्षित पक्के भवन में शरण लें।
- अनावश्यक यात्रा करने से बचें।
- खिड़कियों, दरवाजों, बरामदों एवं छत से दूर रहें।
- बिजली के उपकरणों, तारों तथा अन्य सुचालक वस्तुओं से दूरी बनाए रखें।
- तालाब, नदी, झील एवं अन्य जलाशयों के पास न जाएं।
- समूह में खड़े होने के बजाय एक-दूसरे से दूरी बनाकर रहें।
- जंगल में होने पर घने एवं छोटे पेड़ों के समूह की शरण लें।
- धातु से बनी वस्तुओं, कृषि उपकरणों, बाइक, बिजली एवं टेलीफोन के खंभों तथा तारों से दूर रहें।
- यदि कोई व्यक्ति वज्रपात से घायल हो जाए तो उसे तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र ले जाएं।
- मौसम की जानकारी रेडियो, समाचार माध्यमों एवं अन्य संचार साधनों से नियमित प्राप्त करते रहें।
यदि खेत में हों और सुरक्षित स्थान न मिले
- पैरों के नीचे लकड़ी, प्लास्टिक, बोरा या सूखे पत्ते जैसी सूखी वस्तु रखें।
- दोनों पैरों को आपस में सटाकर बैठें, दोनों हाथों से कान ढक लें तथा सिर को नीचे की ओर झुकाएं, लेकिन जमीन से न लगाएं।
- जमीन पर बिल्कुल न लेटें।
क्या न करें
- ऊंची इमारतों, अकेले खड़े ऊंचे पेड़ों या बिजली एवं टेलीफोन के खंभों के नीचे शरण न लें।
- पैदल चलते समय धातु की डंडी वाले छाते का उपयोग न करें।
- घर के अंदर होने पर पानी का नल, फ्रिज, टेलीफोन एवं बिजली के उपकरणों को स्पर्श करने से बचें।
वज्रपात के बाद क्या करें
- मौसम पूरी तरह सामान्य होने तक घर के अंदर ही रहें।
- यदि कोई व्यक्ति वज्रपात की चपेट में आ जाए तो तत्काल 112 पर सूचना दें तथा उसे बिना देर किए अस्पताल पहुंचाएं।
वज्रपात से जुड़े भ्रम और सच्चाई
अपर जिलाधिकारी ने बताया कि यह धारणा गलत है कि एक ही स्थान पर दोबारा वज्रपात नहीं हो सकता। वास्तव में ऊंची इमारतों और अकेले खड़े ऊंचे पेड़ों पर कई बार बिजली गिर सकती है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वज्रपात से प्रभावित व्यक्ति के शरीर में विद्युत आवेश नहीं रहता। इसलिए ऐसे व्यक्ति को छूना पूरी तरह सुरक्षित है और समय पर प्राथमिक उपचार एवं अस्पताल पहुंचाना उसके जीवन की रक्षा के लिए अत्यंत आवश्यक है।