बैंक कर्मचारी बनकर महिला को झांसे में लिया, साइबर हेल्प डेस्क ने बैंकिंग माध्यमों से कराई रकम वापसी
संवाददाता
कानपुर देहात
कानपुर देहात। बैंक कर्मचारी बनकर KYC अपडेट कराने के नाम पर महिला से की गई 67 हजार रुपये की साइबर ठगी के मामले में थाना गजनेर की साइबर हेल्प डेस्क ने कार्रवाई करते हुए पीड़िता के खाते में 61,406 रुपये वापस करा दिए। शेष धनराशि की बरामदगी के लिए पुलिस की कार्रवाई जारी है।
जानकारी के अनुसार हरचंदापुर निवासी कुसुम पत्नी चंद्रशेखर को साइबर ठग ने बैंक कर्मचारी बनकर फोन किया और KYC अपडेट कराने के नाम पर झांसे में ले लिया। इसके बाद यूपीआई के माध्यम से उनके खाते से 67,000 रुपये निकाल लिए गए। ठगी की जानकारी होने पर पीड़िता ने मामले की शिकायत NCRP पोर्टल पर दर्ज कराई।
साइबर हेल्प डेस्क की कार्रवाई से वापस हुई रकम
शिकायत मिलते ही थाना गजनेर पुलिस की साइबर हेल्प डेस्क ने तत्काल कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने संबंधित बैंकिंग माध्यमों से समन्वय स्थापित कर 61,406 रुपये की धनराशि वापस पीड़िता के खाते में करा दी। शेष धनराशि की बरामदगी के लिए पुलिस द्वारा प्रयास किए जा रहे हैं।
रकम वापस मिलने पर पीड़िता ने गजनेर पुलिस का आभार जताया।
पुलिस ने साइबर ठगी से बचाव की दी सलाह
इस कार्रवाई में थानाध्यक्ष सनत कुमार, कांस्टेबल ऑपरेटर अश्विन कुमार और कांस्टेबल रजत कुमार की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
पुलिस ने लोगों से अपील की कि ऑनलाइन ठगी होने पर तत्काल 1930 पर कॉल करें या साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं। किसी भी व्यक्ति के बैंक कर्मचारी बनकर फोन करने पर OTP, UPI PIN, पासवर्ड या बैंक खाते से जुड़ी गोपनीय जानकारी साझा न करें। अनजान लिंक पर क्लिक करने से भी बचें।