यूपी में जीएसटी चोरी: कबड्डी खिलाड़ी की डायरी से मिले 535 फर्जी फर्मों के नाम

फर्जी फर्मों का जाल दिल्ली और गुजरात से जुड़ा, सरकार को चूना लगाने के लिए किया गया इस्तेमाल

संवाददाता (मुरादाबाद)

कस्टमर्स इंटेलिजेंस (सीआई) मुरादाबाद मामले की जांच में जीएसटी चोरी की सबसे अधिक दिल्ली और गुजरात की फर्जी फर्मों के कनेक्शन मिले हैं। पता चला है कि गुजरात की बड़ी फर्मों ने सरकार को चूना लगाने के लिए बोगस फर्मों का इस्तेमाल किया है।

जांच का विवरण

  • खुलासा: एसआई-सीआई द्वारा गिरफ्तार आरोपी कबड्डी खिलाड़ी की डायरी से 535 फर्जी फर्मों के नाम और नंबर सामने आए हैं।

  • पहचान: पुलिस ने दुबई में मिले सबूतों को राज्य कर के अधिकारियों से शेयर किया है। इसमें अरविन्द सिंह नैगल नाम का एक टॉप ब्रांड-1 शामिल है, जो दुबई में बैठकर ये फर्जी कारोबार चला रहा था।

  • कनेक्शन: इस मामले में सबसे अधिक बोगस फर्मों दिल्ली और गुजरात की पाई जा रही हैं।

बोगस पंजीकरण और कार्रवाई

  • रद्द किए गए पंजीकरण: राज्यकर के अधिकारियों ने बोगस फर्मों के बारे में सीजीएसटी के अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी थी। सीजीएसटी ने शुरुआती तौर पर 12 फर्मों का पंजीकरण निरस्त किया है।

  • नया रैकेट: विभाग ने शुरुआती तौर पर 144 बोगस फर्मों का खुलासा किया, लेकिन अब जांच का दायरा काफी बढ़ गया है।

  • जांच में सहयोग: सीजीएसटी इस मामले में राज्य कर अधिकारियों से जांच में जुट गया है।

जांच के अन्य पहलू

  • टैक्स चोरी का तरीका: अरविन्द सिंह नैगल दुबई में बैठकर फर्जी पंजीकरण करवा रहा था। इसके अलावा, बेरोजगार लड़कियों के नाम पर भी पंजीकरण कराए गए हैं।

  • संदिग्धों की निगरानी: पुलिस ने शाहिद नामक व्यक्ति की जांच में पाया कि वह दो मोबाइल नंबरों और ईमेल का इस्तेमाल करता था। वह कश्मीर, पश्चिम बंगाल के अलावा कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक 144 बोगस फर्मों का पंजीकरण करा चुका है।

  • धोखाधड़ी का आरोप: शाहिद पर फर्जीवाड़ा करके करीब 400 करोड़ की जीएसटी चोरी में शामिल होने का आरोप है। उसने मास्टरमाइंड के खिलाफ भी शिकायत दर्ज कराई है।

Related News

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *