प्रशासन के आश्वासन हवा में, ग्रामीण खुद उठा रहे गौवंशों के चारे की जिम्मेदारी

12 नवम्बर 2025 | जालौन (उत्तर प्रदेश)

संवाददाता – कौशल (जालौन)
गौवंशों के लिए चारा और पानी की व्यवस्था को लेकर प्रशासन की ओर से दिए गए आश्वासन एक बार फिर खोखले साबित हुए हैं। शासन के आदेशों के बावजूद ज़मीनी स्तर पर कोई ठोस कदम न उठाए जाने से ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है। हालात ऐसे हैं कि ग्रामीणों को स्वयं अपने खर्च पर गौवंशों के चारे-पानी की व्यवस्था करनी पड़ रही है।

ग्रामीणों का कहना है कि कई बार अधिकारियों को इस समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन केवल आश्वासन ही मिले। प्रशासनिक अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे और न ही किसी तरह की मदद दी गई।

ग्रामीणों ने बताया कि खेतों और गांवों में आवारा पशु दिनभर भटकते रहते हैं, जिससे फसलों को भी भारी नुकसान हो रहा है। बावजूद इसके, शासन द्वारा न तो गौशाला में पर्याप्त चारा भेजा गया और न ही कोई टीम स्थिति का जायज़ा लेने पहुंची।

ग्रामीणों ने मांग की है कि प्रशासन तत्काल चारा-पानी की व्यवस्था सुनिश्चित करे ताकि गौवंशों को भुखमरी से बचाया जा सके। साथ ही दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग भी की गई है।

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