रबी की पैदावार बढ़ाने पर जोर: जैव उर्वरकों के प्रयोग से 20% तक उपज बढ़ाएं किसान, पराली जलाने पर ₹30 हजार तक जुर्माने की चेतावनी

कानपुर देहात, 20 नवंबर 2025। जिलाधिकारी कपिल सिंह के निर्देशन में, आज विकास खंड अकबरपुर में रबी गोष्ठी और कृषक जागरूकता गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस गोष्ठी का मुख्य उद्देश्य किसानों को रासायनिक उर्वरकों का उपयोग कम करके जैविक और प्राकृतिक तरीकों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना था।

🔬 उपज बढ़ाने के लिए जैविक खेती पर जोर

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में ब्लॉक प्रमुख आशीष मिश्रा उपस्थित रहे। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को महत्वपूर्ण जानकारी दी:

  • जैव उर्वरक: कृषि विशेषज्ञों ने बताया कि किसान भाई जैव उर्वरकों का प्रयोग करके अपनी उपज 15 से 20% तक बढ़ा सकते हैं।

  • प्राकृतिक खाद: किसानों को रासायनिक उर्वरकों का प्रयोग कम करने और गोबर की खाद तथा हरी खाद का प्रयोग करके अधिक उत्पादन प्राप्त करने की सलाह दी गई। इससे मिट्टी का स्वास्थ्य भी सुधरेगा।

🚫 पराली जलाने पर NGT की सख्ती

गोष्ठी में किसानों को पराली प्रबंधन के संबंध में भी विस्तार से जानकारी दी गई और राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण (NGT) के निर्देशों के बारे में चेताया गया:

  • जुर्माना: NGT द्वारा धारा 24 और 26 के तहत पराली जलाना अपराध माना गया है। पराली जलाने वाले किसान भाई पर ₹5000 से लेकर ₹30,000 रुपये तक का जुर्माना वसूला जाएगा।

  • मिट्टी को नुकसान: बताया गया कि पराली जलाने से मिट्टी का जीवाश्म कार्बन जलकर नष्ट हो जाता है।

  • वैकल्पिक उपयोग: किसानों को सलाह दी गई कि वे पराली में आग न लगाएँ, बल्कि उसे मिट्टी में पलटकर अच्छी खाद बनाएँ या गौशाला में दान कर सकते हैं।

कार्यक्रम का संचालन एडीओ कृषि प्रवीर सिंह द्वारा किया गया। इस दौरान कृषि विशेषज्ञ अमर सिंह पाल, मृदा परीक्षण प्रयोगशाला इंचार्ज सूरजभान सिंह सहित सैकड़ों किसान भाई उपस्थित रहे।

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