ई-PACS से पारदर्शिता व किसानों को बेहतर डिजिटल सेवाओं पर जोर
संवाददाता
कानपुर देहात
सहकारिता विभाग द्वारा 03 फरवरी 2026 को माँ मुक्तेश्वरी सभागार, कलेक्ट्रेट, कानपुर देहात में जिला स्तरीय कार्यान्वयन एवं निगरानी समिति (DLIMIC) की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिलाधिकारी कपिल सिंह ने की, जिसमें प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (PACS) के कम्प्यूटरीकरण (e-PACS) से संबंधित परियोजना की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक में बताया गया कि PACS का कम्प्यूटरीकरण भारत सरकार के सहकारिता मंत्रालय की केंद्रीय प्रायोजित योजना के अंतर्गत किया जा रहा है। योजना का उद्देश्य सभी कार्यशील PACS को ERP आधारित कॉमन सॉफ्टवेयर से जोड़कर पूर्णतः डिजिटल (e-PACS) बनाना तथा नाबार्ड के माध्यम से DCCB एवं StCB से लिंक करना है, जिससे पारदर्शिता, दक्षता बढ़ेगी और किसानों को ऑनलाइन सेवाएं सुलभ होंगी।
बैठक के दौरान प्रथम एवं द्वितीय चरण में डायनेमिक डे-एंड (Dynamic Day End) की स्थिति—दैनिक लेन-देन, खातों की क्लोजिंग एवं रिपोर्टिंग—की समीक्षा की गई। साथ ही वित्तीय वर्ष समापन (Year End) प्रक्रिया में लेखांकन, बैलेंस शीट, ऑडिट एवं रिपोर्टिंग की प्रगति तथा चुनौतियों पर चर्चा हुई।
परियोजना प्रगति:
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प्रथम चरण: चयनित 11 में से 6 समितियां सफलतापूर्वक e-PACS के रूप में विकसित, NABARD से लिंक।
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द्वितीय चरण: चयनित 22 में से 16 समितियां e-PACS के रूप में विकसित; शेष में कार्य प्रगति पर।
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तृतीय चरण: प्रस्तावित समितियों की ग्राउंड सर्वे रिपोर्ट की समीक्षा—हार्डवेयर, इंटरनेट कनेक्टिविटी, विद्युत व्यवस्था एवं कार्ययोजना पर विचार-विमर्श।
DLIMIC सदस्यों—जिनमें नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक, बीएसएनएल के प्रतिनिधि, सहकारिता विभाग, जिला सहकारी बैंक तथा चयनित PACS के प्रतिनिधि शामिल रहे—ने प्रगति पर संतोष व्यक्त किया। साथ ही शेष समितियों के शीघ्र कम्प्यूटरीकरण, तकनीकी सहयोग सुदृढ़ करने, कार्मिकों के प्रशिक्षण तथा कनेक्टिविटी व डेटा माइग्रेशन जैसी बाधाओं के त्वरित समाधान पर बल दिया गया।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी विधान जायसवाल, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) दुष्यंत कुमार मौर्य, सहायक निबंधक सहकारिता (ARCS) सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।