मा० मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंचाने के निर्देश
संवाददाता
उरई/जालौन
जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय एवं पुलिस अधीक्षक डॉ. दुर्गेश कुमार ने आज विकास खण्ड रामपुरा के ग्राम बिजुआपुर एवं बावली का स्थलीय भ्रमण कर गलियों में पैदल घूमते हुए केंद्र एवं उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं की वास्तविक स्थिति का जमीनी स्तर पर सत्यापन किया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों से सीधा संवाद कर विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी प्राप्त की।
जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक ने ग्रामीणों से प्रधानमंत्री/मुख्यमंत्री आवास योजना, वृद्धावस्था एवं विधवा पेंशन, राशन वितरण, आयुष्मान भारत योजना, स्वच्छ भारत मिशन, उज्ज्वला योजना, मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना सहित अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं के संबंध में फीडबैक लिया तथा पात्र लाभार्थियों को समय से लाभ उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
इसके उपरांत ग्राम पंचायत कंझारी में आयोजित जनचौपाल के दौरान जिलाधिकारी ने ग्राम में कराए गए विकास कार्यों का सत्यापन कराया एवं ग्रामीणों की समस्याएं गंभीरता से सुनीं। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रदेश सरकार की मंशा के अनुरूप प्रत्येक पात्र व्यक्ति को योजनाओं का लाभ शत-प्रतिशत, पारदर्शी एवं समयबद्ध ढंग से दिया जाए।
खेल मैदान एवं तालाब सौंदर्यीकरण के निर्देश
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने पाया कि ग्राम में खेल मैदान की सुविधा उपलब्ध नहीं है। इस पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों को 31 मार्च 2026 तक खेल मैदान निर्माण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही ग्राम स्थित तालाब के सौंदर्यीकरण, चारों ओर पाथवे निर्माण एवं वृक्षारोपण कराए जाने के निर्देश भी दिए, जिससे ग्रामीणों को बेहतर सुविधाएं एवं स्वच्छ पर्यावरण उपलब्ध हो सके।
सरकार की संवेदनशीलता का जीवंत उदाहरण बनी राधिका
जनचौपाल के दौरान एक भावुक क्षण उस समय देखने को मिला जब 08 वर्षीय बालिका राधिका स्वयं मंच पर आई और अपनी आपबीती साझा की। बालिका ने बताया कि उसकी माता का देहांत हो चुका है तथा पिता उसे छोड़कर चले गए हैं। उसने दृढ़ संकल्प के साथ कहा कि वह पढ़-लिखकर बड़ी अफसर बनना चाहती है।
बालिका की बात सुनकर जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय एवं पुलिस अधीक्षक डॉ. दुर्गेश कुमार ने उसे अपने पास बैठाया और सार्वजनिक मंच से घोषणा की कि राधिका की शिक्षा एवं पालन-पोषण से संबंधित समस्त खर्च जिला प्रशासन द्वारा वहन किया जाएगा। साथ ही संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि बालिका को बाल सेवा योजना सहित उत्तर प्रदेश सरकार की अन्य प्रासंगिक कल्याणकारी योजनाओं से तत्काल लाभान्वित किया जाए।
जिलाधिकारी ने कहा कि प्रदेश सरकार बेटियों की सुरक्षा, शिक्षा एवं उज्ज्वल भविष्य के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है। किसी भी जरूरतमंद बच्चे को अकेला नहीं छोड़ा जाएगा। प्रशासन हर पात्र व्यक्ति के साथ खड़ा है और योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सर्वोच्च प्राथमिकता है।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी के.के. सिंह, परियोजना निदेशक अखिलेश तिवारी, जिला विकास अधिकारी निशान्त पाण्डेय, डीसी मनरेगा रामेन्द्र सिंह सहित संबंधित विभागों के अधिकारी, ग्राम प्रधान एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।