निर्यात तैयारी सूचकांक–2024 में उत्तर प्रदेश की बड़ी छलांग

ओवरऑल चौथे स्थान पर पहुंचा यूपी, भू-आबद्ध राज्यों में प्रथम

संवाददाता
उरई/जालौन

उत्तर प्रदेश आज तेजी से उभरते हुए निर्यातक राज्य के रूप में राष्ट्रीय स्तर पर अपनी सशक्त पहचान बना रहा है। निर्यात को रोजगार सृजन, निवेश, क्षेत्रीय संतुलन और समावेशी विकास से जोड़ते हुए प्रदेश एक नए राष्ट्रीय मॉडल के रूप में सामने आया है। इसका ताजा उदाहरण नीति आयोग द्वारा जारी निर्यात तैयारी सूचकांक 2024 (Export Preparedness Index – EPI 2024) में उत्तर प्रदेश की उल्लेखनीय उपलब्धि है।

नीति आयोग द्वारा 14 जनवरी 2026 को जारी रैंकिंग में उत्तर प्रदेश ने ओवरऑल चौथा स्थान प्राप्त किया है, जबकि भू-आबद्ध (Landlocked) राज्यों की श्रेणी में प्रथम स्थान हासिल किया है। इससे पूर्व वर्ष 2022 में प्रदेश ओवरऑल सातवें स्थान तथा भू-आबद्ध राज्यों में दूसरे स्थान पर था। केवल दो वर्षों में यह उल्लेखनीय छलांग राज्य के निर्यात क्षेत्र में किए गए व्यापक सुधारों और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में लागू की गई निर्यात-प्रोत्साहन नीतियों का प्रत्यक्ष परिणाम मानी जा रही है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार द्वारा निर्यात अवसंरचना को मजबूत करने, लागत प्रतिस्पर्धा बढ़ाने, उत्पाद विविधीकरण तथा कारोबारी माहौल को सुगम बनाने पर विशेष ध्यान दिया गया। उत्तर प्रदेश निर्यात प्रोत्साहन नीति, एक जिला–एक उत्पाद (ODOP) योजना, कॉमन फैसिलिटी सेंटर, लॉजिस्टिक्स सुधार, सड़क कनेक्टिविटी और ड्राई पोर्ट जैसी पहलें निर्यात तत्परता को गति देने में अहम साबित हुई हैं।

सरकार द्वारा माल भाड़ा व्यय, राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मेलों/प्रदर्शनियों में भागीदारी, गुणवत्ता प्रमाणीकरण, ई-कॉमर्स ऑनबोर्डिंग शुल्क, कूरियर एवं एयर-फ्रेट व्यय तथा निर्यात क्रेडिट गारंटी पर प्रतिपूर्ति जैसी सुविधाएं प्रदान की गई हैं, जिससे निर्यातकों पर लागत का बोझ कम हुआ है और वे वैश्विक बाजार में अधिक प्रतिस्पर्धी बने हैं।

पिछले तीन वर्षों से आयोजित उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो ने भी राज्य के निर्यातकों के लिए एक प्रभावी मंच उपलब्ध कराया है। इसके माध्यम से एमएसएमई इकाइयों और पारंपरिक कारीगरों को अंतरराष्ट्रीय बायर्स से सीधा संपर्क मिला, जिससे नए बाजारों में प्रवेश और निर्यात ऑर्डरों में वृद्धि दर्ज की गई। हथकरघा, हस्तशिल्प, खाद्य प्रसंस्करण, चमड़ा, फार्मा एवं कृषि आधारित उत्पादों को इससे नई पहचान मिली है।

नीति आयोग द्वारा EPI–2024 रैंकिंग तैयार करते समय चार प्रमुख स्तंभ—निर्यात अवसंरचना, बिजनेस इकोसिस्टम, नीति एवं सुशासन और निर्यात प्रदर्शन—के साथ 13 उप-स्तंभों एवं 70 संकेतकों के आधार पर राज्यों का मूल्यांकन किया गया। इन सभी मानकों पर उत्तर प्रदेश ने उल्लेखनीय सुधार दर्ज कराए हैं।

रैंकिंग में पहले तीन स्थान पर महाराष्ट्र, तमिलनाडु और गुजरात जैसे तटीय राज्य रहे हैं। समुद्री तट न होने के बावजूद उत्तर प्रदेश का ओवरऑल चौथे स्थान तक पहुंचना एक बड़ी उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है। यह उपलब्धि इस बात का प्रमाण है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा किए गए संरचनात्मक सुधार, मजबूत नीति समर्थन और सक्रिय हैंड-होल्डिंग ने प्रदेश के निर्यातकों को वास्तविक लाभ पहुंचाया है।

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