संवाददाता | कानपुर देहात
कानपुर देहात।
नववर्ष 2026 के पावन अवसर पर जनपद कानपुर देहात में मानवता, सेवा और संवेदनशीलता का प्रेरणादायी उदाहरण देखने को मिला। शीतलहर से प्रभावित बुजुर्गों को राहत प्रदान करने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश सरकार की राज्यमंत्री एवं सदर विधायक प्रतिभा शुक्ला तथा पूर्व सांसद अनिल शुक्ला वारसी के तत्वावधान में “नया साल बुजुर्गों के साथ” कार्यक्रम का भव्य आयोजन मैथा तहसील क्षेत्र अंतर्गत रामजानकी महाविद्यालय, बैरी असई परिसर में किया गया।
कड़ाके की ठंड और शीतलहर को दृष्टिगत रखते हुए आयोजित इस कार्यक्रम में लगभग 10 हजार बुजुर्गों को गर्म कंबलों का वितरण किया गया। साथ ही बुजुर्गों के सम्मान, आत्मीयता और अपनत्व को ध्यान में रखते हुए उनके लिए विशाल महाभोज का भी आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मैथा मंडल सहित आसपास के क्षेत्रों से आए हजारों बुजुर्गों ने सहभागिता की।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश के मा० उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने बुजुर्गों को कंबल वितरित कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया और उपस्थित जनसमूह को नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि सरकार का मूल मंत्र सेवा, सुरक्षा और संवेदनशीलता है और इसी भावना के साथ समाज के अंतिम व्यक्ति तक सहायता पहुंचाने का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने राज्यमंत्री प्रतिभा शुक्ला एवं पूर्व सांसद द्वारा किए जा रहे जनसेवा कार्यों की सराहना की।
कार्यक्रम में उपस्थित मा० कैबिनेट मंत्री राकेश सचान ने कहा कि शीतलहर के बीच इस प्रकार का आयोजन सरकार एवं जनप्रतिनिधियों की संवेदनशील सोच को दर्शाता है, जो समाज के कमजोर और बुजुर्ग वर्ग को प्राथमिकता देने का संदेश देता है।
राज्यमंत्री प्रतिभा शुक्ला ने बताया कि क्षेत्र में पड़ रही भीषण ठंड को देखते हुए मैथा मंडल के प्रत्येक गांव से बुजुर्गों को आमंत्रित किया गया, ताकि उन्हें समय रहते राहत उपलब्ध कराई जा सके। पूर्व सांसद अनिल शुक्ला वारसी ने कार्यक्रम के सफल आयोजन हेतु सभी अतिथियों, कार्यकर्ताओं और बुजुर्गों के प्रति आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर भाजपा जिलाध्यक्ष रेणुका सचान, जिलाधिकारी कपिल सिंह, पुलिस अधीक्षक श्रद्धा नरेन्द्र पाण्डेय, मुख्य विकास अधिकारी विधान जायसवाल सहित अन्य अधिकारीगण, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।
नववर्ष के अवसर पर आयोजित यह कार्यक्रम बुजुर्गों के प्रति सम्मान, सेवा और सामाजिक संवेदनशीलता का सशक्त संदेश देने वाला सिद्ध हुआ।