विदेश मंत्रालय के अधिकारिक सचिव की चार दिवसीय नेपाल यात्रा पर

काठमांडू। भारत के विदेश मंत्रालय के अधिकारिक सचिव विक्रम मिसरी ने नेपाल के साथ द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के लिए चार दिवसीय यात्रा की। इस यात्रा के दौरान उन्होंने नेपाल के शीर्ष नेताओं से गहन चर्चा की और कनेक्टिविटी, विकास सहयोग तथा अन्य मुद्दों पर बातचीत की। यात्रा का मुख्य उद्देश्य नेपाल प्रधानमंत्री के.पी. शर्मा ओली की आगामी भारत यात्रा की तैयारी करना था।

यात्रा की मुख्य झलकियाँ

  • नेपाल पीएम से भेंट: मिसरी ने काठमांडू पहुँचते ही प्रधानमंत्री के.पी. शर्मा ओली से भेंट की। दोनों ने व्यापार, ऊर्जा और कनेक्टिविटी पर फोकस किया।
  • राष्ट्रपति से सौजन्य भेंट: राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल से भेंट में नेपाल-भारत साझेदारी को मजबूत करने पर जोर।
  • विदेश मंत्री से द्विपक्षीय वार्ता: विदेश मंत्री अर्जु राणा देउबा और उनके समकक्ष अमृत बहादुर राय से विस्तृत चर्चा। मुद्दों में सीमा प्रबंधन, व्यापार और विकास परियोजनाएँ शामिल।
  • राजनीतिक नेताओं से मुलाकात: नेपाली कांग्रेस अध्यक्ष शेर बहादुर देउबा और माओवादी सेंटर चेयरमैन पुष्प कमल दाहाल ‘प्रचंडा’ से बातचीत।

मिसरी ने कहा, “भारत नेपाल को ‘नेबरहुड फर्स्ट’ नीति के तहत प्राथमिकता देता है। यह यात्रा दोनों देशों के बीच उच्च स्तरीय आदान-प्रदान की परंपरा को मजबूत करती है।”

नेपाल विदेश मंत्रालय ने बताया कि चर्चा में कनेक्टिविटी, विकास सहयोग और अन्य पारस्परिक हित के मुद्दों पर फोकस रहा। यात्रा के दौरान भारत ने नेपाली सेना को लाइट स्ट्राइक वाहन, मेडिकल उपकरण और सैन्य पशु सौंपे।

यह यात्रा अगस्त 2025 में हुई थी, जब मिसरी ने काठमांडू में कई उच्च स्तरीय बैठकों के बाद 18 अगस्त को वापसी की। नेपाल पीएम ओली की सितंबर में भारत यात्रा की जमीन तैयार हुई।

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