शीतकालीन सत्र के हंगामेदार रहने की पूरी आशंका: विपक्ष ने ठाना है सरकार को घेरना

नई दिल्ली। संसद का शीतकालीन सत्र शुरू होने से पहले ही तलवारें खिंच चुकी हैं। आज राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में सर्वदलीय बैठक में विपक्ष ने साफ कर दिया कि अदाणी मुद्दा, मणिपुर हिंसा, महंगाई, बेरोजगारी और चीन सीमा विवाद पर वह सरकार को किसी भी कीमत पर बख्शने वाला नहीं है।

बैठक में उपस्थित कांग्रेस, टीएमसी, सपा, डीएमके, आप और लेफ्ट के नेताओं ने एक स्वर में कहा, “अदाणी सहित सारे भ्रष्टाचार के मामले, मणिपुर में जलती आग, महंगाई-बेरोजगारी की मार और चीन की घुसपैठ – इन सब पर चर्चा के बिना संसद चलने नहीं देंगे।”

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सभी दलों से सदन सुचारु रूप से चलाने की अपील की, लेकिन विपक्ष ने साफ कर दिया कि पहले सरकार चर्चा की तारीखें और नियम तय करे, तभी सहयोग होगा।

विपक्ष के 5 बड़े मुद्दे

  1. अदाणी ग्रुप पर अमेरिकी जांच और 250 अरब डॉलर के घोटाले का मामला
  2. मणिपुर में 18 महीने से जारी हिंसा और केंद्र की चुप्पी
  3. महंगाई-बेरोजगारी पर तत्काल चर्चा और राहत पैकेज
  4. चीन का अरुणाचल में घुसपैठ और गांव बसाना
  5. संविधान की रक्षा और आरक्षण के मुद्दे

कांग्रेस नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने बैठक के बाद कहा, “सरकार भागना चाहती है, हम भागने नहीं देंगे। जनता के मुद्दों पर जवाब चाहिए।”

सूत्रों के मुताबिक सरकार अभी भी चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन विपक्ष जेपीसी (अदाणी मामले में) और मणिपुर पर अलग से चर्चा की मांग पर अड़ा है।

सत्र 9 दिसंबर से 20 दिसंबर तक चलेगा। पहले दिन से ही हंगामे की पूरी आशंका है। संसद में एक बार फिर सत्ता vs विपक्ष की जोरदार भिड़ंत तय! 🔥🇮🇳

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