जिलाधिकारी कपिल सिंह ने कई बूथों का किया औचक निरीक्षण, बीएलओ को समयबद्धता और पारदर्शिता के लिए कड़े निर्देश दिए

संवाददाता (कानपुर देहात)

कानपुर देहात में आगामी चुनावों के लिए विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (SIR-2026) अभियान को सुचारु और पारदर्शी ढंग से संचालित करने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह से सक्रिय है। इसी क्रम में, जिला निर्वाचन अधिकारी/जिलाधिकारी कपिल सिंह ने कई मतदान केंद्रों (बूथों) का स्थलीय औचक निरीक्षण किया, जिनमें बूथ मिल्किनपुरवा 154, आलमचंदपुर 152 व 153, मुरीदपुर 156, 157, 158, तथा पातेपुर 160, 161 और 162 शामिल थे।

निरीक्षण के मुख्य बिंदु और निर्देश

जिलाधिकारी ने पुनरीक्षण कार्य के प्रत्येक चरण की विस्तारपूर्वक समीक्षा की और निम्नलिखित बिंदुओं पर बी.एल.ओ. (बूथ लेवल ऑफिसर) तथा अन्य कर्मचारियों को कड़े निर्देश दिए:

  • सर्वोच्च प्राथमिकता: उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित मानकों के अनुरूप सभी प्रक्रियाओं को समय-सीमा के भीतर पूर्ण करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

  • दस्तावेजों का सत्यापन: उन्होंने बीएलओ से घर-घर गणना प्रपत्रों (Forms) के वितरण, एकत्रीकरण, सत्यापन और डिजिटाइजेशन की अद्यतन स्थिति की जानकारी ली।

  • पात्र नागरिकों का समावेशन: स्पष्ट निर्देश दिए गए कि प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम निर्वाचक नामावली में शामिल किया जाए, और नाम हटाने के संबंध में नियमानुसार सत्यापन एवं दस्तावेजों का संधारण सावधानीपूर्वक किया जाए।

  • लापरवाही अस्वीकार्य: जिलाधिकारी ने चेतावनी दी कि पुनरीक्षण कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही, विलंब या त्रुटि स्वीकार्य नहीं होगी।

  • दैनिक फील्ड विजिट: सभी बीएलओ को अपने निर्धारित क्षेत्र में प्रतिदिन फील्ड विज़िट सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया ताकि कोई भी मतदाता छूट न जाए।

पुनरीक्षण कार्य की गुणवत्ता पर ज़ोर

जिलाधिकारी ने फॉर्मों के भौतिक सत्यापन, अभिलेखों के रख-रखाव, फोटो मिलान, आयु पुष्टि और पते की शुद्धता की प्रविष्टियों की सटीकता का विस्तृत आकलन किया।

  • रिकॉर्ड व्यवस्था: उन्होंने अधिकारियों को समस्त रिकॉर्ड पूर्णतः व्यवस्थित, अद्यतन और सत्यापित अवस्था में रखने के निर्देश दिए।

  • विशेष ध्यान: उन्होंने निर्देश दिया कि विशेष रूप से युवाओं, प्रथम बार मतदान करने वाले नागरिकों, स्थानांतरित परिवारों तथा दिव्यांग मतदाताओं पर विशेष ध्यान दिया जाए। आवश्यकतानुसार विशेष कैंप लगाकर आमजनों को फॉर्म भरने में सहायता प्रदान की जाए।

  • प्रगति समीक्षा: जहां कुछ बूथों पर अपडेट की गति कम पाई गई, जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को सुधारात्मक कार्रवाई करते हुए प्रगति को निर्धारित समय-सीमा के भीतर शत-प्रतिशत पूर्ण कराने का निर्देश दिया।

निष्कर्ष

जिलाधिकारी ने कहा कि “विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण एक संवेदनशील एवं महत्वपूर्ण प्रक्रिया है। इसमें कोई भी चूक आने वाले चुनावों की पारदर्शिता और विश्वसनीयता को प्रभावित कर सकती है।” उन्होंने अधिकारियों एवं कर्मचारियों से अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूर्ण निष्ठा, तत्परता एवं ईमानदारी के साथ करने का आह्वान किया।

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