डीएम समीर ने राष्ट्रीय ध्वज फहराकर महापुरुषों को किया नमन, अधिकारियों-कर्मचारियों ने जनसेवा और राष्ट्रहित में कार्य करने का लिया संकल्प
संवाददाता
उरई/जालौन
उरई। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती शुक्रवार को कलेक्ट्रेट परिसर में श्रद्धा, गरिमा और देशभक्ति के माहौल में मनाई गई। जिलाधिकारी समीर ने राष्ट्रीय ध्वज फहराकर दोनों महान विभूतियों के चित्रों पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किए। इस दौरान ‘रघुपति राघव राजा राम’ के भजन से पूरा कलेक्ट्रेट परिसर गांधीजी के सत्य, अहिंसा और सद्भाव के संदेश से गूंज उठा।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी समीर ने कहा कि 2 अक्टूबर देश के इतिहास में विशेष महत्व रखता है। महात्मा गांधी ने सत्य, अहिंसा और सत्याग्रह के माध्यम से स्वतंत्रता आंदोलन को नई दिशा दी, जबकि लाल बहादुर शास्त्री ने सादगी, ईमानदारी, अनुशासन और राष्ट्रसेवा की मिसाल कायम की।
उन्होंने कहा कि गांधीजी के विचार आज भी सामाजिक सद्भाव, भाईचारे, स्वच्छता और नैतिक जीवन के लिए उतने ही प्रासंगिक हैं। वहीं, शास्त्रीजी का ‘जय जवान, जय किसान’ का संदेश देश की सुरक्षा और कृषि के महत्व को दर्शाता है। जिलाधिकारी ने अधिकारियों एवं कर्मचारियों से दोनों महापुरुषों के आदर्शों को केवल समारोह तक सीमित न रखते हुए अपने दैनिक कार्य व्यवहार में भी अपनाने का आह्वान किया।
जनसेवा को बनाया जाए कार्यशैली का आधार
जिलाधिकारी ने कहा कि प्रत्येक अधिकारी एवं कर्मचारी अपने दायित्वों का ईमानदारी, संवेदनशीलता और जनसेवा की भावना के साथ निर्वहन करे। इस अवसर पर अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने सत्य, अहिंसा, सादगी, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा के आदर्शों पर चलने तथा जनसेवा एवं राष्ट्रहित में पूरी निष्ठा से कार्य करने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम में अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व राजीव राज, अपर जिलाधिकारी नमामि गंगे प्रेमचंद मौर्य, अपर जिलाधिकारी न्यायिक शत्रुहन पाठक, नगर मजिस्ट्रेट सुनील कुमार, अतिरिक्त उप जिलाधिकारी कुमार संजय सहित कलेक्ट्रेट के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।