पौधरोपण के बाद अब संरक्षण की बारी, हर ग्राम पंचायत में बनेगा ‘वन मित्र’

30 सितंबर तक शत-प्रतिशत पौधरोपण की जियो टैगिंग के निर्देश, नगर निकायों में ‘कपि वन’ और खाली जमीन पर विकसित होगा सघन वन

संवाददाता
उरई/जालौन

उरई। जिले में पौधरोपण अभियान को केवल पौधे लगाने तक सीमित न रखते हुए अब उनके संरक्षण और निगरानी पर विशेष जोर दिया जा रहा है। जिलाधिकारी समीर ने प्रत्येक ग्राम पंचायत में एक-एक ‘वन मित्र’ बनाए जाने के निर्देश दिए हैं। वन मित्र स्थानीय स्तर पर पौधों और वनों की सुरक्षा के साथ महत्वपूर्ण सूचनाएं प्रशासन तक पहुंचाने में सहयोग करेंगे।

विकास भवन स्थित रानी लक्ष्मीबाई सभागार में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला वृक्षारोपण समिति, जिला गंगा समिति एवं जिला पर्यावरण समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक में पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कार्यों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्धारित समय सीमा में कार्य पूरा करने के निर्देश दिए गए।

30 सितंबर तक पूरी होगी शत-प्रतिशत जियो टैगिंग

प्रभागीय वनाधिकारी प्रदीप कुमार ने जिले में वन क्षेत्र तथा वन विभाग की ओर से कराए जा रहे कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने वर्षाकाल-2026 में विभिन्न विभागों द्वारा कराए गए पौधरोपण की प्रगति भी प्रस्तुत की।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि वर्षाकाल-2026 में कराए गए पौधरोपण की 30 सितंबर तक शत-प्रतिशत जियो टैगिंग सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही पिछले तीन वर्षों में किए गए पौधरोपण का सत्यापन कर पौधों की शत-प्रतिशत सफलता और नियमित निगरानी सुनिश्चित करने को कहा गया।

उन्होंने कहा कि लगाए गए पौधों के संरक्षण पर विशेष ध्यान दिया जाए, ताकि पौधरोपण अभियान का वास्तविक लाभ पर्यावरण को मिल सके।

हर पंचायत में ‘वन मित्र’ निभाएगा अहम भूमिका

जिलाधिकारी ने पर्यावरण संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़ते हुए प्रत्येक ग्राम पंचायत में एक ‘वन मित्र’ बनाए जाने के निर्देश दिए। वन मित्र स्थानीय स्तर पर वनों की सुरक्षा, पौधों के संरक्षण तथा वन्यजीवों से जुड़ी महत्वपूर्ण सूचनाओं को प्रशासन तक पहुंचाने में सहयोग करेंगे।

शहरों में ‘कपि वन’, गांवों में विकसित होगा सघन वन

बैठक में नगर पालिका एवं नगर पंचायतों में इस वर्ष ‘कपि वन’ स्थापित करने की पहल पर भी जोर दिया गया। इसके अलावा प्रत्येक ग्राम पंचायत में उपलब्ध रिक्त भूमि को चिह्नित कर वहां सघन वन विकसित करने के निर्देश दिए गए।

प्रशासन की इस पहल का उद्देश्य जिले में हरित क्षेत्र को बढ़ावा देने के साथ पर्यावरण को स्वच्छ और सुरक्षित बनाना है।

ठोस अपशिष्ट प्रबंधन पर भी दिए निर्देश

बैठक में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट नियम-2026 के प्रावधानों तथा माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों के अनुपालन की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने क्षेत्रीय अधिकारी, उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, झांसी को आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी केके सिंह, अपर जिलाधिकारी नमामि गंगे प्रेमचंद मौर्य, प्रभागीय वनाधिकारी प्रदीप कुमार, मुख्य चिकित्साधिकारी एचएन प्रसाद, परियोजना निदेशक अखिलेश तिवारी, उपायुक्त श्रम एवं रोजगार रामेन्द्र सिंह, जिला कृषि अधिकारी गगनदीप, जिला पंचायत राज अधिकारी राम अयोध्या प्रसाद, जिला उद्यान अधिकारी परवेज खान सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

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