डीएम की जनसुनवाई में फरियाद नहीं, समाधान की पहल

75 वर्षीय बुजुर्ग की सुनने की समस्या पर तत्काल कान की मशीन उपलब्ध कराने के निर्देश, जलभराव की शिकायत पर पानी निकासी के आदेश

संवाददाता
उरई/जालौन

उरई। कलेक्ट्रेट में मंगलवार को आयोजित जिलाधिकारी की जनसुनवाई में फरियादियों की समस्याएं केवल सुनी ही नहीं गईं, बल्कि कई मामलों में मौके से ही समाधान की दिशा में कार्रवाई के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी समीर ने अपने कार्यालय कक्ष से जिलास्तरीय अधिकारियों को ऑनलाइन जोड़कर दूर-दराज से आए फरियादियों की समस्याएं गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ सुनीं।

75 वर्षीय बुजुर्ग को तत्काल कान की मशीन उपलब्ध कराने के निर्देश

जनसुनवाई के दौरान कुठौंद निवासी करीब 75 वर्षीय प्रताप शुक्ला अपनी सुनने की समस्या लेकर जिलाधिकारी के समक्ष पहुंचे। उन्होंने बताया कि उम्र बढ़ने के साथ उन्हें सुनने में काफी परेशानी हो रही है, जिससे रोजमर्रा के कार्य प्रभावित हो रहे हैं।

बुजुर्ग की समस्या को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने तत्काल मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देश दिए कि प्रताप शुक्ला को उसी दिन कार्यालय बुलाकर आवश्यक परीक्षण कराया जाए। जरूरत के अनुसार उन्हें कान की मशीन उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए।

जलभराव की शिकायत पर तत्काल पानी निकासी के आदेश

इसी दौरान ग्राम दशहरी निवासी ज्ञान सिंह ने हाल में हुई बारिश के कारण गांव में जलभराव की समस्या की शिकायत की। उन्होंने बताया कि नालियों में पानी भर जाने और निकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने से ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

शिकायत का संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी ने खंड विकास अधिकारी कदौरा को तत्काल गांव पहुंचकर मौके का निरीक्षण करने और पानी की निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

चकरोड और पारिवारिक विवाद से जुड़ी शिकायतें भी पहुंचीं

जनसुनवाई में चकरोड, पारिवारिक कलह समेत विभिन्न मामलों से संबंधित शिकायतें भी प्राप्त हुईं। जिलाधिकारी ने प्रत्येक प्रकरण को संबंधित अधिकारियों के समक्ष ऑनलाइन रखते हुए आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।

उन्होंने अधिकारियों से शिकायतों की गंभीरता के अनुसार कार्रवाई करते हुए फरियादियों को समय से राहत उपलब्ध कराने को कहा।

समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण पर जोर

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनसुनवाई में आने वाला प्रत्येक व्यक्ति उम्मीद लेकर आता है। इसलिए उसकी समस्या को प्राथमिकता के साथ समझते हुए समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण और संवेदनशील तरीके से निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।

उन्होंने कहा कि शिकायतों को केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित न रखा जाए। आवश्यकता पड़ने पर अधिकारी स्वयं मौके पर जाकर वास्तविक स्थिति की जांच करें और समस्या का प्रभावी समाधान सुनिश्चित करें।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि जनसुनवाई केवल शिकायत दर्ज कराने का माध्यम नहीं, बल्कि आमजन को त्वरित राहत और न्याय दिलाने का प्रभावी माध्यम है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि शिकायतों के निस्तारण के बाद शिकायतकर्ता को वास्तविक समाधान का लाभ मिलना भी सुनिश्चित किया जाए।

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