ऑपरेशन कवच-2.0 में स्लीपर बसों पर बड़ी कार्रवाई

पांच स्लीपर बसों पर चालान व निरुद्ध की कार्रवाई, यात्रियों को रोडवेज बसों से पहुंचाया गया गंतव्य तक

संवाददाता
उरई/जालौन

उरई। यात्रियों की सुरक्षा और बसों में निर्धारित मानकों का पालन सुनिश्चित कराने के लिए परिवहन विभाग ने “ऑपरेशन कवच-2.0” के तहत विशेष प्रवर्तन अभियान तेज कर दिया है। 28 से 30 सितंबर तक 24 घंटे अनवरत चल रहे इस अभियान में बस-बॉडी कोड, निर्धारित ऊंचाई, अतिरिक्त सामान तथा कैरियर पर क्षमता से अधिक लोड सहित अन्य नियमों की सघन जांच की जा रही है।

पांच स्लीपर बसों पर हुई कार्रवाई

परिवहन आयुक्त, उत्तर प्रदेश के निर्देश पर चलाए जा रहे अभियान में अधिकारियों की कमी को देखते हुए अन्य संभागों के अधिकारियों की भी ड्यूटी लगाई गई है। इसी क्रम में 28 सितंबर की रात से 29 सितंबर के पूर्वाह्न तक पांच स्लीपर बसों के खिलाफ कार्रवाई की गई।

सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) जालौन राजेश कुमार ने नियमों का उल्लंघन करते पाए गए दो स्लीपर बसों के खिलाफ चालान एवं निरुद्ध करने की कार्रवाई की। वहीं सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) झांसी हेमचन्द्र गौतम ने दो स्लीपर बसों पर कार्रवाई की।

यात्रीकर/मालकर अधिकारी जालौन आनंद राय कुरील ने भी एक स्लीपर बस के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उसे संबंधित थानों में निरुद्ध कराया। इसके अलावा अभियान के दौरान अन्य नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के खिलाफ भी बड़ी संख्या में चालान किए गए।

यात्रियों की सुरक्षा के साथ सुविधा का भी रखा ध्यान

प्रवर्तन कार्रवाई के दौरान परिवहन विभाग ने यात्रियों की सुविधा को भी प्राथमिकता दी। जिन बसों को निरुद्ध किया गया, उनमें सवार यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम, उरई की बसों के सहयोग से वैकल्पिक परिवहन व्यवस्था उपलब्ध कराई गई।

इस व्यवस्था के चलते बसों के विरुद्ध कार्रवाई के बावजूद यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने की व्यवस्था सुनिश्चित की गई।

अग्रिम आदेशों तक जारी रहेगा अभियान

परिवहन विभाग के अनुसार यात्रियों की सुरक्षित एवं सुगम यात्रा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से ऑपरेशन कवच-2.0 अभियान अग्रिम आदेशों तक जारी रहेगा। अभियान के दौरान बसों में निर्धारित मानकों और परिवहन नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

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