मानवाधिकार, सामाजिक न्याय और राष्ट्रीय एकीकरण में उत्कृष्ट योगदान करने वालों को मिलेगा सम्मान
संवाददाता / उरई-जालौन
वर्ष 2026-27 के लिए गुरु गोविन्द सिंह राष्ट्रीय एकता पुरस्कार हेतु पात्र व्यक्तियों से आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। उत्तर प्रदेश शासन के एकीकरण अनुभाग के निर्देशों के क्रम में जनपद स्तर पर पात्र व्यक्तियों से प्रस्ताव मांगे गए हैं। जिला विकास अधिकारी निशान्त पाण्डेय ने इसकी जानकारी दी।
जिला विकास अधिकारी ने बताया कि पुरस्कार के लिए वही व्यक्ति पात्र होगा, जो भारत का मूल नागरिक हो और पुरस्कार के लिए विचार किए जाने वाले वर्ष में सामान्यतया उत्तर प्रदेश की सीमा में निवास करता रहा हो। इसके साथ ही संबंधित व्यक्ति का मानवाधिकारों की रक्षा, सामाजिक न्याय एवं राष्ट्रीय एकीकरण के क्षेत्र में उत्कृष्ट एवं उल्लेखनीय योगदान होना आवश्यक है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसे व्यक्ति को इस पुरस्कार के लिए पात्र नहीं माना जाएगा, जिसे इस योजना के अंतर्गत पूर्व में राज्य सरकार द्वारा पुरस्कृत किया जा चुका हो।
उत्कृष्ट योगदान करने वाले व्यक्ति होंगे सम्मानित
राज्य सरकार द्वारा प्रदेश में निवासरत ऐसे व्यक्तियों को सार्वजनिक रूप से सम्मानित करने के उद्देश्य से पुरस्कार एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान किए जाने की व्यवस्था की गई है, जिन्होंने मानवाधिकारों की रक्षा, सामाजिक न्याय और राष्ट्रीय एकीकरण के क्षेत्र में सर्वोत्कृष्ट कार्य किया हो तथा इन कार्यों के प्रति पूर्ण रूप से समर्पित रहे हों।
इस पुरस्कार का उद्देश्य ऐसे उल्लेखनीय योगदान को सार्वजनिक रूप से सम्मानित करना है, जिससे समाज में मानवाधिकार, सामाजिक न्याय और राष्ट्रीय एकीकरण के प्रति जागरूकता एवं सकारात्मक भावना को बढ़ावा मिल सके।
चार प्रतियों में 28 सितंबर तक जमा करना होगा आवेदन
पुरस्कार के लिए पात्र व्यक्तियों से आवेदन पत्र 28 सितंबर 2026 तक चार प्रतियों में जमा करने को कहा गया है। आवेदन जिला विकास अधिकारी कार्यालय, विकास भवन, जालौन स्थान उरई में जमा किए जा सकेंगे।
प्राप्त आवेदनों की जांच एवं परीक्षण के बाद निर्धारित समयावधि के भीतर पात्र व्यक्तियों के प्रस्ताव शासन को भेजे जाएंगे। जिला विकास अधिकारी ने पात्र व्यक्तियों से निर्धारित तिथि के भीतर आवेदन प्रस्तुत करने की अपील की है।