अतिवृष्टि से फसल बर्बाद तो 72 घंटे में दर्ज कराएं क्लेम

बारिश, जलभराव और तेज हवाओं से फसल प्रभावित होने पर किसानों के लिए कृषि विभाग की एडवाइजरी जारी

संवाददाता / कानपुर देहात

कानपुर देहात। मौसमी विक्षोभ के चलते जनपद में हुई अतिवृष्टि, असामयिक बारिश और तेज हवाओं से फसलों को हुए नुकसान को लेकर कृषि विभाग ने किसानों के लिए महत्वपूर्ण एडवाइजरी जारी की है। उप कृषि निदेशक हरिशंकर भार्गव ने बीमित किसानों से अपील की है कि यदि उनकी फसल बारिश, जलभराव अथवा तेज हवाओं के कारण प्रभावित हुई है तो घटना के 72 घंटे के भीतर अनिवार्य रूप से फसल क्षति की सूचना दर्ज कराएं, ताकि नियमानुसार क्षतिपूर्ति क्लेम की प्रक्रिया समय से पूरी की जा सके।

उप कृषि निदेशक ने बताया कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत प्राकृतिक आपदाओं के कारण किसानों को होने वाले आर्थिक नुकसान से सुरक्षा प्रदान की जाती है। योजना के अंतर्गत अतिवृष्टि, जलभराव, बाढ़, सूखा तथा कीट-व्याधि जैसी प्राकृतिक आपदाओं से खड़ी फसल को होने वाले नुकसान के साथ-साथ कटाई के बाद खेत में सुखाने के लिए रखी गई फसल को हुए नुकसान की भरपाई का भी प्रावधान है।

72 घंटे की समय-सीमा का रखें विशेष ध्यान

कृषि विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि फसल में नुकसान होने के बाद इसकी सूचना देने में किसी भी प्रकार की देरी न करें। फसल क्षति की सूचना अधिकतम 72 घंटे के भीतर देना आवश्यक है।

विभाग के अनुसार निर्धारित समय-सीमा के बाद सूचना दिए जाने पर तकनीकी एवं विधिक कारणों से क्षतिपूर्ति क्लेम के निस्तारण में परेशानी हो सकती है। इसलिए किसानों को नुकसान होने के तुरंत बाद संबंधित माध्यम से अपनी फसल क्षति की सूचना दर्ज कराने की सलाह दी गई है।

इन माध्यमों से दर्ज करा सकते हैं फसल क्षति की सूचना

किसान फसल क्षति की सूचना दर्ज कराने के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के टोल-फ्री नंबर 14447 पर संपर्क कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त जनपद में अधिकृत बीमा कंपनी एचडीएफसी एर्गो के जनपदीय प्रतिनिधि मनीष के मोबाइल नंबर 8303300845 पर भी फसल नुकसान की सूचना दी जा सकती है।

किसान Crop Insurance App के माध्यम से भी अपने प्रभावित खेत की जियो-टैग्ड तस्वीरें अपलोड करते हुए फसल क्षति की सूचना दर्ज करा सकते हैं।

इसके अलावा किसान अपने विकासखंड स्थित कृषि बीज भंडार, कृषि विभाग के क्षेत्रीय कर्मचारी, प्राविधिक सहायक, एटीएम, बीटीएम, जिला कृषि अधिकारी अथवा उप कृषि निदेशक कार्यालय, विकास भवन में लिखित प्रार्थना-पत्र देकर भी फसल नुकसान की जानकारी उपलब्ध करा सकते हैं।

ये दस्तावेज रखें साथ

कृषि विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि फसल क्षति की सूचना देते समय आवश्यक दस्तावेज एवं विवरण अपने पास रखें। इनमें बीमा पॉलिसी अथवा आवेदन संख्या, बैंक खाता विवरण, आधार कार्ड संख्या तथा प्रभावित खेत की खसरा-खतौनी संख्या शामिल हैं।

इन दस्तावेजों और विवरणों के उपलब्ध होने से बीमा कंपनी के सर्वेयर एवं संयुक्त जांच दल द्वारा प्रभावित खेत का मौके पर सत्यापन और सर्वे की प्रक्रिया पूरी करने में सुविधा होगी। इससे पात्र किसानों के क्षतिपूर्ति क्लेम के निस्तारण की प्रक्रिया को समय से आगे बढ़ाया जा सकेगा।

किसानों से समय पर क्लेम दर्ज कराने की अपील

कृषि विभाग ने जनपद के बीमित किसानों से अपील की है कि अतिवृष्टि, असामयिक बारिश, जलभराव अथवा तेज हवाओं से फसल को नुकसान होने की स्थिति में किसी भी प्रकार की देरी न करें। 72 घंटे की निर्धारित समय-सीमा के भीतर फसल क्षति की सूचना अवश्य दर्ज कराएं, ताकि नियमानुसार सर्वे एवं क्लेम निस्तारण की प्रक्रिया समय से पूरी की जा सके।

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