आरसी वसूली के लिए 10 बड़े बकायेदारों की सूची तैयार करने के निर्देश, लंबित आरसी पोर्टल पर अपलोड कराने को कहा
संवाददाता / उरई/जालौन
जालौन। कर-करेत्तर एवं राजस्व कार्यों की समीक्षा को लेकर जिलाधिकारी समीर ने बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में राजस्व वसूली की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताते हुए जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप वसूली में तेजी लाने के कड़े निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि राजस्व वसूली में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अधिकारियों को केवल कागजी प्रगति के बजाय मौके पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
कई विभागों की वसूली लक्ष्य से पीछे
समीक्षा के दौरान राज्यकर, स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन, परिवहन, आबकारी तथा खनिज विभाग की क्रमिक लक्ष्य के सापेक्ष वसूली कम पाई गई। इसी प्रकार मंडी समितियों एवं नगर पालिकाओं में भी अपेक्षित राजस्व वसूली न होने पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को प्रभावी प्रवर्तन कार्रवाई करते हुए निर्धारित लक्ष्य पूरा करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि जिन विभागों एवं क्षेत्रों में राजस्व वसूली अपेक्षा के अनुरूप नहीं है, वहां विशेष ध्यान देते हुए कार्रवाई की जाए। उन्होंने अधिकारियों से वसूली की प्रगति की नियमित समीक्षा करने और लक्ष्य प्राप्ति के लिए ठोस कार्ययोजना के साथ काम करने को कहा।
आरसी वसूली के लिए सप्ताह में दो दिन चलेगा विशेष अभियान
जिलाधिकारी ने आरसी वसूली को प्राथमिकता देते हुए 10 बड़े बकायेदारों की सूची तैयार करने तथा सभी लंबित आरसी को अनिवार्य रूप से पोर्टल पर अपलोड कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि उप जिलाधिकारी, तहसीलदार, नायब तहसीलदार एवं अमीनों की संयुक्त टीमें गठित कर सप्ताह में कम से कम दो दिन विशेष अभियान चलाया जाए और आरसी की प्रभावी वसूली सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को वसूली के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार करने, प्रवर्तन कार्रवाई को प्रभावी बनाने तथा नियमित समीक्षा के माध्यम से प्रगति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
आपसी समन्वय से लक्ष्य पूरा करने के निर्देश
डीएम ने कहा कि निर्धारित राजस्व लक्ष्य की प्राप्ति के लिए सभी विभागीय अधिकारी आपसी समन्वय के साथ कार्य करें। जिन क्षेत्रों में वसूली कम है, वहां विशेष रूप से कार्रवाई करते हुए प्रगति बढ़ाई जाए। उन्होंने अधिकारियों को जिम्मेदारी के साथ कार्य करते हुए राजस्व वसूली में तेजी लाने के निर्देश दिए।
मंडी समितियों की भी हुई समीक्षा
बैठक में मंडी समितियों के कार्यों की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने मंडी समितियों के सभापति के रूप में उप जिलाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों की मंडियों की नियमित समीक्षा करने तथा आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
इसके अलावा जिलाधिकारी ने सभी उप जिलाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में सरकारी कार्यालयों का निरीक्षण कर उसकी आख्या उपलब्ध कराने को कहा। नगर पालिका क्षेत्रों में नो-बिल्डिंग जोन चिन्हित करने तथा सरकारी भूमि पर स्पष्ट सूचना बोर्ड लगवाने के निर्देश भी दिए गए।
तैनाती स्थल पर निवास कर जिम्मेदारी से कार्य करने को कहा
जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को अपने तैनाती स्थल पर निवास करते हुए शासन की प्राथमिकताओं के अनुरूप पूरी जिम्मेदारी, सक्रियता एवं गंभीरता से कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विभागीय कार्यों में लापरवाही न हो और जनहित से जुड़े मामलों में प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
बैठक में अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व राजीव राज, अपर जिलाधिकारी नमामि गंगे प्रेमचंद मौर्य, अपर जिलाधिकारी न्यायिक, नगर मजिस्ट्रेट सुनील कुमार, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट/उप जिलाधिकारी रिन्कू सिंह राही सहित समस्त उप जिलाधिकारी एवं संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।