एसपी से निष्पक्ष जांच की मांग, बैंक खाते के लेन-देन और संबंधित दिन की सीडीआर जांचने का अनुरोध
संवाददाता / उरई/जालौन
उरई। संजय सिंह ने पुलिस अधीक्षक जालौन को प्रार्थना पत्र देकर अपने प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराए जाने की मांग की है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि उनके द्वारा पूर्व में की गई शिकायत में संबंधित पुलिस अधिकारियों ने उनका पक्ष जाने बिना रिपोर्ट प्रस्तुत की, जिसके चलते उन्हें अभी तक न्याय नहीं मिल सका है।
शिकायतकर्ता के अनुसार, उन्होंने 3 अगस्त 2026 को पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया था कि बलदाऊ चौक, सराफा बाजार उरई स्थित स्वर्णेश सोनी से संबंधित मामले में वल्लभनगर चौकी प्रभारी सत्यपाल सिंह द्वारा सही रिपोर्ट नहीं लगाई जा रही है। उन्होंने मामले की जांच किसी अन्य अधिकारी से कराए जाने का अनुरोध किया था।
संजय सिंह का कहना है कि उक्त प्रार्थना पत्र का 17 सितंबर 2026 को निस्तारण किया गया और जांच की जिम्मेदारी वरिष्ठ उप निरीक्षक शिवकुमार सिंह, कोतवाली उरई को दी गई। शिकायतकर्ता के मुताबिक, इससे पहले सत्यपाल सिंह द्वारा 15 मार्च 2026 को प्रस्तुत की गई रिपोर्ट को उन्होंने गलत बताया था। इसके बावजूद 17 सितंबर को वरिष्ठ उप निरीक्षक शिवकुमार सिंह की ओर से पुनः रिपोर्ट प्रस्तुत की गई।
शिकायतकर्ता का पक्ष नहीं जाने का आरोप
शिकायतकर्ता का आरोप है कि जांच के दौरान उनसे संपर्क कर उनका पक्ष नहीं जाना गया। प्रार्थना पत्र में यह भी कहा गया है कि क्षेत्राधिकारी की ओर से भी पुलिस अधीक्षक को रिपोर्ट भेजी गई है। संजय सिंह का कहना है कि संबंधित अधिकारियों द्वारा उनका पक्ष जाने बिना रिपोर्ट प्रस्तुत किए जाने के कारण मामले की वास्तविक स्थिति सामने नहीं आ सकी।
उन्होंने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच के लिए संबंधित बन्धन बैंक खाते की जांच कराने और घटना वाले दिन की सीडीआर (कॉल डिटेल रिकॉर्ड) निकलवाने की मांग की है।
शिकायतकर्ता ने प्रार्थना पत्र में कहा है कि जिस दिन उनके विरुद्ध यह आरोप लगाए गए कि वह दुकान पर जेवर लेने पहुंचे थे और बन्धन बैंक के दो चेक दिए थे, उस दिन के बैंक खाते के लेन-देन की भी जांच की जानी चाहिए।
बैंक लेन-देन की जांच की मांग
संजय सिंह ने मांग की है कि संबंधित बैंक खाते में किन-किन व्यक्तियों के बीच लेन-देन हुआ, इसकी जांच कर आवश्यकतानुसार संबंधित लोगों से भी संपर्क किया जाए, ताकि मामले की वास्तविकता सामने आ सके।
शिकायतकर्ता ने पुलिस के उच्च अधिकारियों से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष एवं तथ्यात्मक जांच कराकर उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर उचित कार्रवाई किए जाने और न्याय दिलाए जाने की मांग की है। मामले में लगाए गए आरोप शिकायतकर्ता के प्रार्थना पत्र पर आधारित हैं।