धीमी प्रगति वाली योजनाओं में अगली समीक्षा तक स्पष्ट सुधार के निर्देश, लापरवाही पर तय होगी जवाबदेही
संवाददाता
उरई/जालौन
जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने विकास भवन स्थित रानी लक्ष्मीबाई सभागार में मुख्यमंत्री डैशबोर्ड के साथ विभिन्न विकास योजनाओं एवं जनकल्याणकारी कार्यक्रमों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने संबंधित विभागीय अधिकारियों को शासन की प्राथमिकताओं के अनुरूप योजनाओं का प्रभावी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
समीक्षा के दौरान विभिन्न विभागों की योजनाओं में प्राप्त अंकों, ग्रेडिंग तथा प्रदेश स्तर पर जनपद की रैंकिंग का विभागवार अवलोकन किया गया। जिलाधिकारी ने कहा कि मुख्यमंत्री डैशबोर्ड पर जनपद की रैंकिंग एवं ग्रेडिंग योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और विभागीय कार्यप्रणाली का महत्वपूर्ण संकेतक है।
उन्होंने निर्देश दिए कि जिन योजनाओं में प्रगति धीमी है अथवा अपेक्षित परिणाम प्राप्त नहीं हो रहे हैं, उनके अधिकारी विशेष ध्यान देते हुए तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई करें। योजनाओं के क्रियान्वयन में आ रही समस्याओं को चिन्हित कर उनके समाधान के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार की जाए और परिणामपरक ढंग से कार्य किया जाए।
जनकल्याणकारी योजनाओं की हुई विशेष समीक्षा
बैठक में जननी सुरक्षा योजना, फैमिली आईडी, 15वां वित्त आयोग, 5वां राज्य वित्त आयोग, डे-एनआरएलएम, मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना एवं राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना की प्रगति की विशेष रूप से समीक्षा की गई।
जिलाधिकारी ने कहा कि शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक पहुंचाना अधिकारियों की सर्वोच्च जिम्मेदारी है। किसी भी पात्र लाभार्थी को योजना के लाभ से वंचित नहीं रखा जाना चाहिए।
उन्होंने लंबित प्रकरणों का अभियान चलाकर निस्तारण कराने, पोर्टल पर शत-प्रतिशत एवं समयबद्ध डाटा फीडिंग, पात्र लाभार्थियों का सत्यापन तथा योजनाओं का वास्तविक लाभ पात्र व्यक्तियों तक पहुंचाने के निर्देश दिए।
अगली समीक्षा में दिखना चाहिए सुधार
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि अगली समीक्षा बैठक तक धीमी प्रगति वाली योजनाओं में स्पष्ट एवं ठोस सुधार दिखाई देना चाहिए। शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं में लापरवाही अथवा अपेक्षित प्रगति नहीं पाए जाने पर संबंधित अधिकारी की जवाबदेही निर्धारित करते हुए नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए मुख्यमंत्री डैशबोर्ड पर जनपद की रैंकिंग में सुधार लाने तथा अधिक से अधिक योजनाओं में बेहतर प्रदर्शन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अधिकारियों द्वारा केवल आंकड़ों में सुधार के बजाय योजनाओं का वास्तविक लाभ पात्र लाभार्थियों तक पहुंचाना प्राथमिकता होनी चाहिए।
जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को प्रभावी एवं परिणामपरक कार्ययोजना तैयार कर उसके अनुसार कार्य करने तथा शासन की योजनाओं की प्रगति की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी केके सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी एच.एन. प्रसाद, जिला विकास अधिकारी प्रशांत पाण्डेय, डीएसटीओ नीरज चौधरी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।