जननी सुरक्षा योजना में राज्य औसत से बेहतर रहा जनपद, छूटे पात्र लाभार्थियों को समय से लाभ दिलाने के निर्देश
संवाददाता
उरई/जालौन
जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने विकास भवन स्थित रानी लक्ष्मीबाई सभागार में जिला स्वास्थ्य समिति शासी निकाय की समीक्षा बैठक की। बैठक में स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा करते हुए उन्होंने कम प्रगति वाले स्वास्थ्य केंद्रों में तत्काल सुधार, प्रभावी माइक्रो-प्लानिंग तथा प्रत्येक पात्र लाभार्थी को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
जननी सुरक्षा योजना में राज्य औसत से बेहतर प्रदर्शन
जननी सुरक्षा योजना की समीक्षा के दौरान बताया गया कि राज्य में लाभार्थियों को भुगतान का औसत 71 प्रतिशत है, जबकि जनपद जालौन में 79.3 प्रतिशत लाभार्थियों को भुगतान का लाभ मिल चुका है।
जिलाधिकारी ने छिरिया, नदीगांव, पिण्डारी एवं डकोर इकाइयों के बेहतर प्रदर्शन की सराहना की। वहीं कम प्रगति वाली इकाइयों को लंबित भुगतान तत्काल पूरा कराने तथा प्रत्येक पात्र महिला लाभार्थी को समय से योजना का लाभ उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने संस्थागत प्रसव को और बढ़ावा देने पर भी विशेष जोर दिया।
मातृ स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के निर्देश
मातृ स्वास्थ्य की समीक्षा के दौरान प्रथम तिमाही में पंजीकरण सहित विभिन्न स्वास्थ्य संकेतकों की जानकारी ली गई। जिलाधिकारी ने हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं की समय से पहचान, नियमित एएनसी जांच, फॉलोअप तथा आरसीएच पोर्टल पर शत-प्रतिशत गुणवत्तापूर्ण डाटा अपडेट कराने के निर्देश दिए।
बावई, छिरिया, डकोर एवं रामपुरा के बेहतर प्रदर्शन की जिलाधिकारी ने सराहना की और अन्य स्वास्थ्य इकाइयों को भी निर्धारित मानकों के अनुरूप प्रदर्शन सुधारने के निर्देश दिए।
छूटे बच्चों का विशेष टीकाकरण कराने के निर्देश
बैठक में बताया गया कि जनपद में पूर्ण टीकाकरण की प्रगति 85.4 प्रतिशत रही। जिलाधिकारी ने छूटे हुए बच्चों की नामवार सूची तैयार कर विशेष टीकाकरण सत्र आयोजित कराने के निर्देश दिए।
उन्होंने माइक्रोप्लान के अनुसार शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित करने तथा जन्म के समय लगाए जाने वाले आवश्यक टीकों की उपलब्धता एवं समय से टीकाकरण पर विशेष ध्यान देने को कहा।
शिशु स्वास्थ्य एवं एनीमिया उपचार की समीक्षा
शिशु स्वास्थ्य के अंतर्गत पंजीकरण की प्रगति 92.9 प्रतिशत रही, जबकि एनीमिया उपचार की प्रगति 84.39 प्रतिशत दर्ज की गई।
जिलाधिकारी ने नवजात शिशुओं के नियमित एचबीएनसी भ्रमण, जन्म के बाद शत-प्रतिशत पंजीकरण तथा गंभीर एनीमिया से ग्रसित गर्भवती महिलाओं की समयबद्ध पहचान एवं उपचार सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए।
पोर्टल पर गुणवत्तापूर्ण डाटा फीडिंग पर जोर
एचएमआईएस एवं आरसीएच पोर्टल की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि स्वास्थ्य योजनाओं की वास्तविक प्रगति तभी सुनिश्चित हो सकती है, जब पोर्टल पर डाटा समय से और गुणवत्तापूर्ण तरीके से दर्ज किया जाए।
उन्होंने सभी प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों को ऑनलाइन रिपोर्टिंग की नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए। साथ ही कम प्रगति वाले स्वास्थ्य केंद्रों को आगामी समीक्षा बैठक तक स्पष्ट सुधार लाने के लिए निर्देशित किया।
जिलाधिकारी ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं का उद्देश्य केवल आंकड़ों में प्रगति दर्ज करना नहीं, बल्कि हर पात्र व्यक्ति तक समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण एवं प्रभावी स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना है। उन्होंने अधिकारियों को संवेदनशीलता के साथ कार्य करते हुए शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम पात्र लाभार्थी तक पहुंचाने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी केके सिंह, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व राजीव राज, मुख्य चिकित्सा अधिकारी एच.एन. प्रसाद सहित स्वास्थ्य विभाग के संबंधित अधिकारी, चिकित्सा अधीक्षक एवं प्रभारी चिकित्सा अधिकारी उपस्थित रहे।