संपूर्ण समाधान दिवस में 55 शिकायतें प्राप्त, 16 का मौके पर निस्तारण

डीएम के निर्देश पर दाखिल-खारिज की त्रुटि का तत्काल कराया गया सुधार

उरई/जालौन। माधौगढ़ तहसील सभागार में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय एवं पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह ने दूर-दराज से आए फरियादियों की समस्याओं एवं शिकायतों को गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ सुना। समाधान दिवस में कुल 55 शिकायती प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए, जिनमें से 16 शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। शेष शिकायतों के समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

संपूर्ण समाधान दिवस में सबसे अधिक शिकायतें विद्युत विभाग से संबंधित प्राप्त हुईं। इसके अलावा चकरोड, नाली, आवास एवं क्षतिपूर्ति से जुड़े प्रकरण भी सामने आए। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिकायतों के निस्तारण के लिए आवश्यकतानुसार संयुक्त टीमें गठित कर मौके पर भेजी जाएं और स्थलीय निरीक्षण करते हुए शिकायतों का वास्तविक एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जाए।

शिकायतों के निस्तारण के लिए सात टीमों को मौके पर भेजा गया, जो संबंधित स्थलों का निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई करेंगी। चकरोड से संबंधित पांच प्रकरणों में मौके पर चकरोड खाली करा दिए गए थे, लेकिन वहां मिट्टी डालने का कार्य शेष था। जिलाधिकारी ने तत्काल मिट्टी डलवाने के निर्देश दिए, ताकि ग्रामीणों को आवागमन में किसी प्रकार की परेशानी न हो और वे खाद, बीज सहित अन्य आवश्यक कृषि सामग्री आसानी से अपने खेतों तक पहुंचा सकें।

दाखिल-खारिज में हुई त्रुटि का डीएम ने तत्काल कराया सुधार

संपूर्ण समाधान दिवस में स्वाति सिंह द्वारा शिकायत प्रस्तुत की गई कि उन्होंने एक प्लॉट खरीदा था, लेकिन उसका दाखिल-खारिज किसी अन्य व्यक्ति के नाम कर दिया गया है। जिलाधिकारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल तहसीलदार को बुलाकर प्रकरण की जांच कराई। साथ ही संबंधित अधिवक्ता को भी मौके पर उपस्थित कराया गया।

जांच के दौरान सामने आया कि डीड के अंतिम पृष्ठ पर किसी दूसरी तिथि का पृष्ठ लग जाने तथा उस पर स्वाति सिंह के हस्ताक्षर कराकर प्रेषित किए जाने के कारण दाखिल-खारिज में त्रुटि हुई थी। जिलाधिकारी के निर्देश पर तत्काल आवश्यक सुधार की कार्रवाई कराई गई।

जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि राजस्व अभिलेखों एवं दाखिल-खारिज से संबंधित कार्यों में पूरी सावधानी बरती जाए तथा इस प्रकार की त्रुटियों की पुनरावृत्ति किसी भी दशा में न होने पाए।

शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण हो : डीएम

जिलाधिकारी ने राजस्व प्रशासन, पुलिस प्रशासन एवं संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक शिकायत का निष्पक्ष, गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि केवल शिकायत का निस्तारण कर देना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि शिकायतकर्ता को वास्तविक राहत मिलना ही शिकायत निस्तारण का मुख्य उद्देश्य है।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि निस्तारित शिकायतों के संबंध में शिकायतकर्ताओं से फोन के माध्यम से नियमित फीडबैक भी लिया जाए, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि शिकायत का वास्तविक समाधान हुआ है और फरियादी निस्तारण से संतुष्ट है।

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को जनसुनवाई के दौरान प्राप्त प्रत्येक शिकायत को गंभीरता से लेने तथा आवश्यकतानुसार मौके पर जाकर जांच करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रशासन की प्राथमिकता आमजन की समस्याओं का त्वरित समाधान कर उन्हें समयबद्ध एवं प्रभावी राहत उपलब्ध कराना है।

इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी केके सिंह, उप जिलाधिकारी मनोज कुमार, क्षेत्राधिकारी अम्बुज सिंह, प्रभागीय वनाधिकारी प्रदीप कुमार, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एच.एन. प्रसाद, परियोजना निदेशक अखिलेश तिवारी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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