संवाददाता | उरई/जालौन
उरई/जालौन। जनपद में पर्यावरण संरक्षण एवं हरित आवरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बुधवार को मुख्य विकास अधिकारी केके सिंह ने कुकुरगांव स्थित गौशाला परिसर में पौधरोपण किया। इस दौरान उन्होंने पीपल, पाकड़ एवं आंवला के पौधे रोपित कर लोगों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया।
पौधरोपण के दौरान मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि वृक्ष मानव जीवन के साथ-साथ समस्त जीव-जगत के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। पेड़-पौधे पर्यावरण का संतुलन बनाए रखने, वायु को शुद्ध करने तथा जलवायु को संतुलित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसलिए अधिक से अधिक पौधे लगाना और लगाए गए पौधों का संरक्षण करना प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी है।
पौधरोपण के साथ संरक्षण भी जरूरी
मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि पौधरोपण को केवल एक अभियान तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए। पौधा लगाने के बाद उसकी नियमित देखभाल, सिंचाई एवं सुरक्षा सुनिश्चित करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देशित किया कि गौशाला परिसर में रोपित सभी पौधों की नियमित निगरानी की जाए और उनकी सुरक्षा के लिए आवश्यक इंतजाम किए जाएं।
उन्होंने कहा कि गौशाला परिसर को स्वच्छ, हरा-भरा एवं पर्यावरण के अनुकूल बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जाने चाहिए। परिसर में पर्याप्त हरियाली होने से वातावरण स्वच्छ एवं बेहतर होगा, साथ ही पशुओं के लिए भी अनुकूल वातावरण तैयार करने में मदद मिलेगी।
अधिकारियों को दिए आवश्यक निर्देश
मुख्य विकास अधिकारी ने संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देश दिए कि रोपित पौधों की नियमित सिंचाई, देखभाल एवं सुरक्षा की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने पौधों की निगरानी के लिए आवश्यक व्यवस्था करने तथा पौधों को नुकसान से बचाने पर भी विशेष ध्यान देने को कहा।
उन्होंने कहा कि यदि लगाए गए पौधों की सही तरीके से देखभाल की जाए तो आने वाले वर्षों में यही पौधे बड़े वृक्ष बनकर पर्यावरण संरक्षण में महत्वपूर्ण योगदान देंगे। इसलिए सभी संबंधित अधिकारी पौधों के संरक्षण को प्राथमिकता के साथ सुनिश्चित करें।
पर्यावरण संरक्षण का लिया संकल्प
इस अवसर पर उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भी पौधरोपण में सहभागिता करते हुए पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल एवं सुरक्षा करने का संकल्प लिया।
मुख्य विकास अधिकारी ने आमजन से भी अपील की कि पर्यावरण को सुरक्षित एवं संतुलित बनाए रखने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को अपने स्तर पर पौधरोपण करना चाहिए। साथ ही लगाए गए पौधों को पेड़ बनने तक उनकी देखभाल और सुरक्षा की जिम्मेदारी भी निभानी चाहिए।
कुकुरगांव गौशाला परिसर में आयोजित पौधरोपण कार्यक्रम के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण, हरित आवरण बढ़ाने और स्वच्छ एवं हरे-भरे वातावरण के निर्माण का संदेश दिया गया। अधिकारियों ने कहा कि सामूहिक प्रयासों से ही जनपद को अधिक हरा-भरा एवं पर्यावरण के अनुकूल बनाया जा सकता है।