उरई/जालौन | संवाददाता
जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने कलेक्ट्रेट सभागार में वर्ष 2026-27 के अंतर्गत प्रस्तावित अन्नपूर्णा भवनों के निर्माण के लिए भूमि उपलब्धता की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शासन की महत्वाकांक्षी योजना को समयबद्ध तरीके से धरातल पर उतारने के लिए भूमि चयन की प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
बैठक में जिलाधिकारी ने बताया कि जनपद को वर्ष 2026-27 में 225 अन्नपूर्णा भवनों के निर्माण का लक्ष्य मिला है। इनमें वीबीजीरामजी योजना के तहत 75 अन्नपूर्णा भवनों का निर्माण प्रस्तावित है। उन्होंने बताया कि अब तक सभी तहसीलों से केवल 77 भवनों के लिए भूमि चयन संबंधी प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जो निर्धारित लक्ष्य की तुलना में संतोषजनक नहीं हैं।
जिलाधिकारी ने सभी उप जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि अपने-अपने तहसील क्षेत्रों में प्राथमिकता के आधार पर उपयुक्त भूमि का चयन कर शेष प्रस्ताव दो दिनों के भीतर अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराएं, ताकि निर्माण कार्य समय पर शुरू कराया जा सके।
उन्होंने कहा कि अन्नपूर्णा भवन ग्रामीण क्षेत्रों में खाद्यान्न वितरण व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित, पारदर्शी और सुविधाजनक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। इसलिए सभी अधिकारी आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए भूमि चयन एवं प्रस्ताव भेजने की प्रक्रिया निर्धारित समय-सीमा में पूरी करें।
जिलाधिकारी ने चेतावनी दी कि लक्ष्य पूर्ति में अनावश्यक देरी या लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय करते हुए नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) राजीव राज, सभी उप जिलाधिकारी, जिला पूर्ति अधिकारी तथा संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।