उरई/जालौन | संवाददाता
राजस्व परिषद, उत्तर प्रदेश के निर्देशों के अनुपालन में जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने कलेक्ट्रेट सभागार में संबंधित अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर ग्राम सचिवालयों में लेखपालों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि 1 जुलाई 2026 से प्रत्येक तहसील में निर्धारित रोस्टर के अनुसार लेखपाल ग्राम सचिवालयों में बैठेंगे, जिससे ग्रामीणों को राजस्व सेवाएं गांव स्तर पर ही उपलब्ध हो सकेंगी।
जिलाधिकारी ने बताया कि ग्राम सचिवालयों में लेखपालों की नियमित उपस्थिति से आय, जाति, निवास एवं हैसियत प्रमाण पत्र, खतौनी की नकल, विरासत, अंश निर्धारण, भू-अभिलेख संबंधी कार्यों सहित अन्य राजस्व सेवाओं का समयबद्ध निस्तारण गांव में ही संभव होगा। इससे लोगों को छोटे-छोटे कार्यों के लिए तहसीलों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
उन्होंने कहा कि लेखपाल राजस्व प्रशासन की महत्वपूर्ण कड़ी हैं और विभिन्न सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन, जनगणना, किसान हित से जुड़े कार्यों, आपदा प्रबंधन, भूमि सत्यापन, फसल बीमा, निर्वाचन तथा धान-गेहूं क्रय केंद्रों के सत्यापन जैसे महत्वपूर्ण दायित्वों का प्रभावी निर्वहन करते हैं। ऐसे में उनकी नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करना आवश्यक है।
जिलाधिकारी ने सभी उप जिलाधिकारियों एवं तहसीलदारों को निर्देश दिए कि ग्राम सचिवालयों में लेखपालों की उपस्थिति का नियमित निरीक्षण किया जाए तथा रोस्टर का कड़ाई से पालन कराया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप ग्राम स्तर पर राजस्व सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करना सभी अधिकारियों की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) राजीव राज, जनपद के सभी उप जिलाधिकारी, तहसीलदार एवं लेखपाल सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।