प्रेस विज्ञप्ति, उरई दिनांक 29 जून 2026 (सू0वि0)
सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन) सौम्या पाण्डेय ने बताया कि परिवहन आयुक्त, उत्तर प्रदेश के अर्द्धशासकीय पत्र दिनांक 23 जून 2026 के क्रम में प्रदेश में स्कूली वाहनों का सुरक्षित संचालन शासन एवं परिवहन विभाग की शीर्ष प्राथमिकता है। मा0 मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश द्वारा भी समय-समय पर इस संबंध में विभाग को आवश्यक निर्देश दिए जाते रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्कूली बच्चे राष्ट्र की आधारशिला हैं, अतः उनकी सुरक्षा अत्यंत महत्वपूर्ण है।
उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश शासन, परिवहन अनुभाग-4 की अधिसूचना दिनांक 27 मई 2019 के अनुसार स्कूली बच्चों की सुरक्षा एवं उनके परिवहन से संबंधित विषयों पर विचार-विमर्श हेतु जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला विद्यालय यान परिवहन सुरक्षा समिति का गठन किया गया है, जिसकी बैठक वर्ष में दो बार (जनवरी एवं जुलाई) आयोजित किए जाने के निर्देश हैं।
इसी क्रम में जिलाधिकारी के निर्देशों के अनुपालन में जनपद के समस्त विद्यालय संचालकों, प्रबंधकों एवं प्रधानाचार्यों को सूचित किया जाता है कि जिन वाहनों के फिटनेस, बीमा, प्रदूषण एवं परमिट की वैधता समाप्त हो चुकी है, उन्हें तत्काल दुरुस्त कराया जाए। मार्ग चेकिंग के दौरान यदि कोई स्कूली वाहन मानक विहीन, अनफिट अथवा निर्धारित सीटिंग क्षमता से अधिक छात्रों का परिवहन करता पाया जाता है तो ऐसे वाहनों का पंजीयन निलंबन की कार्रवाई के साथ वाहन स्वामी एवं विद्यालय प्रबंधन के विरुद्ध विधिक कार्रवाई की जाएगी, जिसका पूर्ण उत्तरदायित्व संबंधित का होगा।
उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्धारित आयु सीमा से अधिक पुराने स्कूली वाहनों का संचालन पूर्णतः प्रतिबंधित है। ऐसे वाहन न केवल पर्यावरण के लिए हानिकारक हैं, बल्कि तकनीकी रूप से असुरक्षित होने के कारण बच्चों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा उत्पन्न करते हैं। जनपद जालौन के अंतर्गत ऐसे सभी पुराने वाहनों के परमिट तत्काल प्रभाव से निरस्त किए जाएंगे तथा उनका संचालन बंद कराना अनिवार्य होगा।
सभी शिक्षण संस्थानों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने विद्यालयों में संचालित सभी वाहनों की जांच कर लें तथा मानक विहीन वाहनों का संचालन तत्काल बंद करें। आगामी दिनों में प्रवर्तन अधिकारियों द्वारा विशेष अभियान चलाया जाएगा। यदि कोई भी पुराना या अनफिट स्कूली वाहन सड़कों पर संचालित पाया जाता है तो उसे तत्काल सीज कर भारी जुर्माना लगाया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी वाहन स्वामी एवं विद्यालय प्रबंधन की होगी।
इसके साथ ही निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी विद्यालय द्वारा निजी वाहन जैसे मैजिक, वैन, ऑटो-रिक्शा आदि से स्कूली बच्चों का परिवहन नहीं कराया जाएगा। यदि चेकिंग के दौरान ऐसे वाहनों में बच्चे परिवहन करते पाए जाते हैं तो वाहन को तत्काल सीज कर नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
परिवहन विभाग ने अभिभावकों से भी अपील की है कि वे अपने बच्चों को स्कूल भेजते समय वाहन की स्थिति, सुरक्षा मानकों एवं वैध दस्तावेजों की जांच अवश्य करें।
स्कूल बस एवं वैन हेतु निर्धारित प्रमुख मानक इस प्रकार हैं—
- वाहन का रंग पीला होना अनिवार्य तथा स्कूल का नाम अंकित होना चाहिए
- बस में 02 एवं वैन में 01 अग्निशमन यंत्र होना आवश्यक
- फर्स्ट एड बॉक्स उपलब्ध हो
- स्पीड लिमिटर लगा हो तथा प्रेशर/मल्टीटोन हॉर्न प्रतिबंधित हो
- सीट बेल्ट की व्यवस्था अनिवार्य
- आपातकालीन द्वार/खिड़की हो
- खिड़कियों पर स्टील की क्षैतिज छड़ें लगी हों
- सीट के नीचे स्कूल बैग रखने की जगह हो
- प्रवेश द्वार पर हैंडरेल लगा हो
- वाहन पर एआरटीओ, पुलिस, फायर, एम्बुलेंस, अस्पताल, प्रबंधक, प्रधानाचार्य, चालक एवं परिचालक के संपर्क नंबर अंकित हों