संवाददाता, उरई/जालौन
माननीय उच्च न्यायालय, लखनऊ में विचाराधीन ज्योति राजपूत बनाम उत्तर प्रदेश राज्य एवं अन्य प्रकरण में दिनांक 24 नवंबर 2025 को पारित आदेश तथा जिलाधिकारी एवं जिला प्रोबेशन अधिकारी के निर्देशों के क्रम में जनपद में गठित विभिन्न विभागों की संयुक्त टीमों द्वारा कठिन परिस्थितियों में जीवन यापन कर रहे, अनाथ, परित्यक्त एवं आपात स्थिति में रहने वाले व्यक्तियों के पुनर्वास हेतु विशेष रेस्क्यू अभियान चलाया गया।
अभियान के तहत समाज कल्याण विभाग, दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग, महिला कल्याण विभाग, नगर निकाय विभाग, डूडा, स्वास्थ्य विभाग एवं पुलिस विभाग की कुल सात संयुक्त टीमों द्वारा रेलवे स्टेशन उरई परिसर में व्यापक अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान स्टेशन परिसर में रहने वाले महिला एवं पुरुषों की पहचान कर उनके पुनर्वास की कार्रवाई की गई। इसके अतिरिक्त, बीमार एवं दिव्यांग व्यक्तियों को आवश्यक चिकित्सीय सुविधा उपलब्ध कराते हुए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया तथा उन्हें विभिन्न सामाजिक सुरक्षा एवं पेंशन योजनाओं से लाभान्वित कराने की प्रक्रिया प्रारंभ की गई।
अभियान के दौरान संबंधित व्यक्तियों को शासन द्वारा संचालित कल्याणकारी योजनाओं, पुनर्वास सेवाओं एवं सामाजिक सुरक्षा उपायों के संबंध में भी विस्तृत जानकारी प्रदान की गई, ताकि उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ा जा सके।
रेस्क्यू अभियान में चिकित्सा विभाग से डॉ. आनंद वर्मा, श्रम विभाग से सुनील, पुलिस विभाग की एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग इकाई से शकील, डूडा विभाग से अहमद, समाज कल्याण विभाग से देवेंद्र, दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग से वरिष्ठ सहायक शैलेश गुप्ता, महिला कल्याण विभाग से संरक्षण अधिकारी जूली खातून एवं गरिमा पाठक द्विवेदी, बाल कल्याण समिति की सदस्य, प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर प्रतीक्षा सिंह, वन स्टॉप सेंटर की केंद्र प्रबंधक रीना यादव, प्रवीणा यादव तथा सामाजिक कार्यकर्ता सुरेश कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
प्रशासन द्वारा बताया गया कि कठिन परिस्थितियों में जीवन यापन कर रहे व्यक्तियों के संरक्षण, पुनर्वास एवं सामाजिक पुनर्स्थापन के लिए ऐसे अभियान भविष्य में भी निरंतर संचालित किए जाते रहेंगे।