संवाददाता, उरई/जालौन
जनपद में औद्योगिक विकास, व्यापारिक गतिविधियों के सुदृढ़ीकरण तथा श्रमिक हितों के प्रभावी संरक्षण को लेकर जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय एवं पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह ने विकास भवन स्थित रानी लक्ष्मीबाई सभागार में आयोजित उद्योग बंधु, व्यापार बंधु एवं श्रम बंधु की संयुक्त बैठक की अध्यक्षता करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
बैठक के दौरान विभिन्न औद्योगिक इकाइयों, व्यापारिक संगठनों तथा श्रमिकों से जुड़े प्रकरणों की बिंदुवार समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने कहा कि जनपद में निवेश एवं उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने निर्देश दिए कि उद्यमियों एवं व्यापारियों की समस्याओं का त्वरित, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित किया जाए, जिससे किसी भी स्तर पर अनावश्यक बाधा उत्पन्न न हो।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि उद्योगों की स्थापना एवं विस्तार से संबंधित विद्युत, जलापूर्ति, राजस्व, प्रदूषण नियंत्रण, परिवहन तथा अन्य विभागों से जुड़े लंबित प्रकरणों का समयबद्ध निस्तारण किया जाए। उन्होंने कहा कि जिन मामलों में विभिन्न विभागों के समन्वय की आवश्यकता है, उनमें अधिकारी आपसी तालमेल स्थापित करते हुए तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करें।
पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह ने कहा कि व्यापारियों एवं उद्योगपतियों की सुरक्षा प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने निर्देश दिए कि व्यापारिक प्रतिष्ठानों के आसपास कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखा जाए, यातायात व्यवस्था को सुचारु रखा जाए तथा किसी भी प्रकार की अवैध वसूली, धमकी अथवा आपराधिक गतिविधियों पर तत्काल एवं प्रभावी कार्रवाई की जाए। उन्होंने व्यापारिक संगठनों से पुलिस प्रशासन के साथ निरंतर संवाद बनाए रखने की भी अपील की।
बैठक में श्रमिकों के हितों से जुड़े विषयों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने श्रम विभाग को निर्देशित किया कि श्रमिक कल्याण योजनाओं का अधिकतम लाभ पात्र श्रमिकों तक पहुंचाया जाए तथा श्रम कानूनों का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि उद्योग, व्यापार और श्रमिक—ये तीनों जनपद के आर्थिक विकास के महत्वपूर्ण स्तंभ हैं और इनके बीच बेहतर समन्वय से ही समग्र विकास को नई गति मिल सकती है।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी के.के. सिंह, नगर मजिस्ट्रेट सुनील कुमार, क्षेत्राधिकारी, उपायुक्त उद्योग धर्मेंद्र भास्कर, उपायुक्त राज्य कर अमित यादव सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, उद्योग बंधु एवं व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।