गौसेवा से बड़ा कोई पुण्य नहीं, गौ संरक्षण हमारी सांस्कृतिक विरासत का आधार विश्व पर्यावरण दिवस पर जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने गौशाला पहुंचकर गोवंश की सेवा की, वृक्षारोपण कर दिया संरक्षण का संदेश

संवाददाता | उरई/जालौन

विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर विकास खण्ड डकोर स्थित गौशाला में सदर विधायक गौरीशंकर वर्मा, कालपी विधायक विनोद चतुर्वेदी, जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय एवं पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह ने गोवंश की सेवा कर उन्हें गुड़ एवं चना खिलाया तथा वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण और गौ संवर्धन का संदेश दिया।

सदर विधायक गौरीशंकर वर्मा ने कहा कि भारतीय संस्कृति में गौ माता का विशेष महत्व है। गौसेवा केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं, बल्कि संवेदनशील और संस्कारित समाज के निर्माण का प्रतीक भी है। उन्होंने कहा कि सरकार गौवंश के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए अनेक महत्वपूर्ण योजनाएं संचालित कर रही है, जिनका लाभ धरातल तक पहुंचाना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

कालपी विधायक विनोद चतुर्वेदी ने कहा कि गौशालाएं केवल निराश्रित गोवंश के आश्रय स्थल नहीं, बल्कि पशुधन संरक्षण के महत्वपूर्ण केंद्र हैं। उन्होंने गोवंश के लिए स्वच्छ वातावरण, पर्याप्त चारा-पानी एवं बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया।

जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने गौशाला का निरीक्षण करते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि गोवंश के लिए चारे, स्वच्छ पेयजल, छायादार व्यवस्था तथा नियमित पशु चिकित्सा सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि गौ संरक्षण समाज की साझा जिम्मेदारी है और इसमें जनसहभागिता अत्यंत आवश्यक है।

पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह ने कहा कि पशुओं के प्रति संवेदनशीलता और सेवा भाव भारतीय संस्कृति की पहचान है। उन्होंने गौवंश को गुड़-चना खिलाकर संरक्षण एवं संवर्धन के प्रति समाज को जागरूक करने का संदेश दिया।

कार्यक्रम के दौरान जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं स्थानीय नागरिकों ने गौसेवा को मानव सेवा के समान बताते हुए गोवंश के संरक्षण और संवर्धन के लिए निरंतर सहयोग का संकल्प लिया। साथ ही गौशाला परिसर में स्वच्छता, हरियाली एवं बेहतर व्यवस्थाओं को बढ़ावा देने पर भी विशेष बल दिया गया।

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