संवाददाता, उरई/जालौन
जालौन। जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र डकोर का औचक निरीक्षण कर ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं की जमीनी स्थिति का जायजा लिया। निरीक्षण का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं को और अधिक प्रभावी एवं जनहितकारी बनाना रहा।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने अस्पताल में संचालित डिलीवरी सेवाओं, पैथोलॉजी जांच, दवा वितरण, टीकाकरण एवं अन्य चिकित्सा व्यवस्थाओं का गहन निरीक्षण किया। उन्होंने पाया कि अस्पताल में डिलीवरी सेवाएं सुचारु रूप से संचालित हो रही हैं तथा मरीजों को आवश्यक जांच एवं उपचार सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। अस्पताल में चिकित्सकों एवं स्टाफ की उपलब्धता भी संतोषजनक पाई गई।
जिलाधिकारी ने भर्ती मरीजों एवं उनके तीमारदारों से सीधे संवाद कर स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता के संबंध में जानकारी ली। मरीजों ने अस्पताल में मिलने वाली निःशुल्क दवाओं एवं जांच सुविधाओं पर संतोष व्यक्त किया।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने उपस्थित एएनएम से भी बातचीत की और कहा कि ग्रामीण महिलाओं के स्वास्थ्य संरक्षण में उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने निर्देश दिए कि गर्भधारण के प्रारंभिक समय से लेकर सुरक्षित प्रसव तक महिलाओं को जीवन रक्षक दवाएं, पोषण संबंधी औषधियां एवं टीकाकरण सुविधाएं समय से उपलब्ध कराई जाएं।
डीएम ने अस्पताल की लैब का निरीक्षण करते हुए जांच व्यवस्थाओं पर संतोष जताया। उन्होंने कहा कि पहले ग्रामीण क्षेत्रों में जांच सुविधाओं के अभाव में लोगों को परेशानी होती थी, लेकिन अब सरकार की प्राथमिकता के चलते गांव स्तर तक स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार हुआ है। जांच सेवाओं को और अधिक बेहतर बनाने के लिए उन्होंने लैब में तत्काल दो एसी लगाए जाने के निर्देश देते हुए इसकी स्वीकृति भी प्रदान की।
इसके साथ ही जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को अस्पताल में दो फार्मासिस्टों की तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि दवा वितरण व्यवस्था और अधिक सुचारु हो सके।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की मंशा है कि ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले प्रत्येक व्यक्ति को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं सहजता से उपलब्ध हों।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी केके सिंह, डीसी मनरेगा रामेन्द्र सिंह, चिकित्सक एवं अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।