संवाददाता | कानपुर देहात
जनपद कानपुर देहात में उर्वरक की उपलब्धता एवं वितरण व्यवस्था को लेकर सोमवार शाम प्रमुख सचिव सहकारिता अजय कुमार शुक्ला की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में सभी जनपदों के मुख्य विकास अधिकारी, जिला कृषि अधिकारी, सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता तथा पीसीएफ अधिकारियों के साथ उर्वरक वितरण की स्थिति की समीक्षा की गई।
शासन स्तर से आयुक्त एवं निबंधक सहकारिता योगश कुमार तथा संयुक्त कृषि निदेशक (उर्वरक) अजय कुमार कृष्णा भी बैठक में उपस्थित रहे। कानपुर देहात से मुख्य विकास अधिकारी, जिला कृषि अधिकारी, सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता, जिला प्रबंधक पीसीएफ तथा क्षेत्रीय प्रबंधक इफको वीसी के माध्यम से बैठक में जुड़े।
बैठक में निर्देश दिए गए कि उर्वरकों का वितरण केवल फार्मर आईडी, खतौनी के क्षेत्रफल एवं फसल संस्तुति के आधार पर किया जाए। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाए कि उर्वरक केवल बोई गई अथवा खड़ी फसल के उपयोग हेतु ही वितरित हों। अगली फसल या भंडारण के उद्देश्य से उर्वरक वितरण पर पूरी तरह रोक लगाने के निर्देश दिए गए।
प्रमुख सचिव ने कहा कि उर्वरकों की होर्डिंग एवं कालाबाजारी एक सुनियोजित अपराध है। सभी निजी एवं सहकारी उर्वरक विक्रेताओं को निर्देशित किया गया कि बटाईदार अथवा बलकट पर ली गई खेती के लिए भी खेत मालिक के आधार पर ही उर्वरक वितरित किए जाएं।
इसके अलावा निर्देश दिए गए कि प्रतिदिन आईएफएमएस पोर्टल से जनपद के टॉप-5 उर्वरक विक्रेता एवं टॉप-5 उर्वरक खरीदारों की सूची निकालकर सहायक विकास अधिकारी (कृषि) एवं सहायक विकास अधिकारी (सहकारिता) से सत्यापन कराया जाए। उर्वरक वितरण में किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर उर्वरक (नियंत्रण) आदेश-1985 एवं आवश्यक वस्तु अधिनियम-1955 के तहत विधिक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
मुख्य विकास अधिकारी कानपुर देहात द्वारा भी सभी उर्वरक विक्रेताओं को शासन के निर्देशों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि जनपद में उर्वरक की कोई कमी नहीं है।