संवाददाता, कानपुर देहात |
जिलाधिकारी कपिल सिंह की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन एवं लक्ष्य पूर्ति को लेकर कलेक्ट्रेट स्थित माँ मुक्तेश्वरी देवी सभागार में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारी, बैंकर्स तथा उद्योग विभाग के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
बैठक का मुख्य उद्देश्य युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ते हुए अधिक से अधिक पात्र अभ्यर्थियों को योजना का लाभ दिलाना रहा। जिलाधिकारी ने कहा कि यह योजना प्रदेश सरकार की एक महत्वाकांक्षी पहल है, जिसका उद्देश्य शिक्षित एवं प्रशिक्षित युवाओं को आत्मनिर्भर बनाना और रोजगार के नए अवसर सृजित करना है।
उन्होंने निर्देशित किया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए जनपद को प्राप्त 2660 के लक्ष्य के सापेक्ष विभागवार एवं बैंकवार मासिक लक्ष्य निर्धारित कर गुणवत्तापूर्ण कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। साथ ही स्पष्ट किया कि आवेदनकर्ताओं को कागजी औपचारिकताओं के नाम पर अनावश्यक रूप से परेशान न किया जाए और सभी आवेदनों का समयबद्ध परीक्षण एवं निस्तारण किया जाए।
जिलाधिकारी ने बैंकर्स को निर्देश देते हुए कहा कि स्वीकृत आवेदनों में अनावश्यक विलंब न किया जाए तथा ऋण वितरण प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाया जाए। वहीं, उद्योग विभाग को निर्देशित किया गया कि प्रत्येक विकासखंड एवं नगरीय क्षेत्र में विशेष प्रचार-प्रसार अभियान चलाकर अधिक से अधिक युवाओं को योजना से जोड़ा जाए।
बैठक में योजना की जानकारी देते हुए बताया गया कि इसके अंतर्गत युवाओं को उद्योग एवं सेवा क्षेत्र में उद्यम स्थापित करने हेतु अधिकतम 5 लाख रुपये तक का ब्याजमुक्त ऋण चार वर्षों के लिए प्रदान किया जाएगा। साथ ही परियोजना लागत पर 10 प्रतिशत सब्सिडी एवं छह माह की मोरेटोरियम अवधि भी दी जाएगी, जिससे शुरुआती चरण में आर्थिक राहत मिल सके।
इच्छुक अभ्यर्थी एमएसएमई विभाग की आधिकारिक वेबसाइट या सीएम युवा ऐप के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए जिला उद्योग प्रोत्साहन एवं उद्यमिता विकास केंद्र, कानपुर देहात से संपर्क किया जा सकता है।
पात्रता के अनुसार आवेदक उत्तर प्रदेश का मूल निवासी होना चाहिए तथा उसकी आयु 21 से 40 वर्ष के बीच होनी चाहिए। न्यूनतम शैक्षिक योग्यता कक्षा-8 उत्तीर्ण निर्धारित की गई है। साथ ही आवेदक के पास किसी मान्यता प्राप्त संस्थान से कौशल प्रशिक्षण, प्रमाणपत्र, डिप्लोमा या डिग्री होना आवश्यक है।
बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना को छोड़कर अन्य किसी योजना में ब्याज या पूंजी अनुदान का लाभ ले चुके अभ्यर्थी इस योजना के पात्र नहीं होंगे।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजना की जानकारी ग्राम पंचायतों, नगरीय निकायों, जनसेवा केंद्रों, आईटीआई, पॉलीटेक्निक एवं अन्य शिक्षण संस्थानों के माध्यम से व्यापक स्तर पर प्रचारित की जाए, ताकि अधिक से अधिक युवा स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ सकें।
इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) दुष्यंत कुमार मौर्य, अग्रणी जिला प्रबंधक (एलडीएम) राकेश कुमार, उपायुक्त उद्योग प्रभात यादव सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।