महिला उत्पीड़न से जुड़े मामलों की होगी सुनवाई, पीड़ित महिलाएं सीधे सौंप सकेंगी प्रार्थना पत्र
संवाददाता | कानपुर देहात
उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग के निर्देशानुसार जनपद कानपुर देहात में महिला उत्पीड़न से संबंधित शिकायतों के त्वरित एवं प्रभावी निस्तारण के उद्देश्य से 5 अगस्त 2026 को विशेष महिला जनसुनवाई कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। इस जनसुनवाई की अध्यक्षता मा. उपाध्यक्ष (उपमंत्री स्तर प्राप्त) उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग, श्रीमती चारू चौधरी करेंगी।
इस संबंध में जानकारी देते हुए जिला प्रोबेशन अधिकारी रेनू यादव ने बताया कि महिला जनसुनवाई कार्यक्रम 5 अगस्त 2026 को अपराह्न 12:00 बजे जनपद कानपुर देहात स्थित सर्किट हाउस सभागार में आयोजित होगा। कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं से संबंधित मामलों की सुनवाई कर उन्हें त्वरित न्याय दिलाना तथा उनकी समस्याओं का प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना है।
उन्होंने बताया कि आयोग महिलाओं के अधिकारों की रक्षा, महिला उत्पीड़न की रोकथाम, घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न, पारिवारिक विवाद, संपत्ति विवाद, कार्यस्थल पर उत्पीड़न तथा महिलाओं से जुड़े अन्य मामलों की गंभीरता से सुनवाई करेगा। जनसुनवाई के दौरान प्राप्त शिकायतों पर संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए जाएंगे, ताकि पीड़ित महिलाओं को शीघ्र न्याय एवं आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
जिला प्रोबेशन अधिकारी ने कहा कि जनपद की कोई भी पीड़ित महिला अपनी समस्या से संबंधित प्रार्थना पत्र एवं आवश्यक दस्तावेजों के साथ निर्धारित समय पर सर्किट हाउस पहुंचकर सीधे मा. उपाध्यक्ष के समक्ष अपनी बात रख सकती है। आयोग द्वारा प्रत्येक प्रकरण की गंभीरता से सुनवाई करते हुए नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
उन्होंने बताया कि महिला आयोग का उद्देश्य महिलाओं को सुलभ, पारदर्शी एवं त्वरित न्याय उपलब्ध कराना है, जिससे उन्हें अपनी समस्याओं के समाधान के लिए अनावश्यक कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। आयोग समय-समय पर जनपदों में इस प्रकार की जनसुनवाई आयोजित कर महिलाओं की शिकायतों का मौके पर निस्तारण कराने का प्रयास करता है।
जिला प्रशासन ने जनपद की सभी पीड़ित एवं जरूरतमंद महिलाओं से अपील की है कि यदि वे किसी भी प्रकार के उत्पीड़न, हिंसा, भेदभाव अथवा अन्य महिला संबंधी समस्या का सामना कर रही हैं, तो इस जनसुनवाई में उपस्थित होकर अपनी शिकायत दर्ज कराएं, ताकि उनकी समस्याओं का समयबद्ध एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जा सके।