स्कूली वाहनों पर सख्त निगरानी के निर्देश, बच्चों की सुरक्षा पर डीएम गंभीर

उरई/जालौन।
जनपद में स्कूली बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने परिवहन आयुक्त, उत्तर प्रदेश के निर्देशों के अनुपालन में प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

जिलाधिकारी ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च जिम्मेदारी है, जिसके लिए सभी विभागों को सक्रिय और समन्वित भूमिका निभानी होगी। उन्होंने परिवहन, पुलिस और शिक्षा विभाग को संयुक्त रूप से विशेष अभियान चलाकर स्कूलों से जुड़े सभी वाहनों की जांच कराने के निर्देश दिए।

उन्होंने स्पष्ट किया कि विद्यालयों के आसपास संचालित निजी वाहन जैसे मैजिक, वैन और ऑटो-रिक्शा, जो बिना वैध परमिट बच्चों का परिवहन कर रहे हैं, उन्हें चिन्हित कर तत्काल कार्रवाई की जाए। बिना पंजीकरण, फिटनेस या परमिट वाले वाहनों के संचालन पर पूर्ण रोक लगाई जाए और नियमों का उल्लंघन मिलने पर चालान एवं वाहन बंदी की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

जिलाधिकारी ने विद्यालय प्रबंधन को भी निर्देशित किया कि वे केवल अधिकृत एवं मानक अनुरूप वाहनों का ही उपयोग करें और परिवहन व्यवस्था की नियमित समीक्षा करें। उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करना स्कूल प्रबंधन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

इसके साथ ही प्रत्येक विद्यालय में स्कूली ट्रांसपोर्ट रजिस्टर लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। इस रजिस्टर में छात्रों को लाने-ले जाने वाले वाहनों का पूरा विवरण—जैसे वाहन संख्या, चालक का नाम, ड्राइविंग लाइसेंस और परमिट की स्थिति—अभिभावकों से प्राप्त कर संधारित किया जाएगा। इससे अनधिकृत वाहनों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकेगा।

जिलाधिकारी ने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों को केवल सुरक्षित और अधिकृत वाहनों से ही विद्यालय भेजें तथा किसी भी अनियमितता की सूचना प्रशासन को दें।

उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस व्यवस्था के अंतर्गत नियमित निरीक्षण, सतत निगरानी और समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि जनपद में स्कूली बच्चों की सुरक्षा पूरी तरह सुनिश्चित हो सके।

Prev *ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों के लिए राहत की बड़ी पहल, 72 घंटे में सूचना दर्ज कर मिलेगा मुआवजा* *उप कृषि निदेशक सुशील कुमार उत्तम ने जारी की अपील, टोल फ्री 14447 के साथ बीमा प्रतिनिधियों के नंबर भी जारी* संवाददाता उरई/जालौन जनपद में हाल ही में हुई अतिवृष्टि एवं ओलावृष्टि से फसलों को हुए नुकसान के मद्देनज़र उप कृषि निदेशक सुशील कुमार उत्तम ने किसानों के हित में अहम निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि जिन किसानों की फसलें बीमित हैं, वे अपनी फसल क्षति की सूचना 72 घंटे के भीतर भारत सरकार के टोल फ्री नंबर 14447 पर अवश्य दर्ज कराएं, जिससे समयबद्ध सर्वे एवं पारदर्शी आकलन के बाद उन्हें शीघ्र मुआवजा दिलाया जा सके। उप कृषि निदेशक ने बताया कि सूचना दर्ज करते समय किसान अपना आधार नंबर या बीमा पॉलिसी नंबर अवश्य साथ रखें, जिससे क्षति का सही विवरण दर्ज किया जा सके और दावा प्रक्रिया में कोई बाधा न आए। सूचना प्राप्त होने के बाद संबंधित एजेंसियों द्वारा मौके पर सर्वे कर वास्तविक नुकसान का आकलन किया जाएगा और पात्र किसानों को नियमानुसार क्षतिपूर्ति प्रदान की जाएगी।उन्होंने बताया कि जनपद के सभी विकासखंडों में बीमा कंपनी के प्रतिनिधि तैनात हैं, जिनसे संपर्क कर किसान सहायता प्राप्त कर सकते हैं। उनका विवरण निम्नानुसार है— जिला स्तर पर श्री पवन सिंह (जिला प्रबंधक) – मो. 8976965889, डकोर विकासखंड हेतु श्री आशुतोष मिश्रा (ब्लॉक कोऑर्डिनेटर) – मो. 8707081757, जालौन एवं कुठौंद विकासखंड हेतु श्री नारायण पाल (ब्लॉक कोऑर्डिनेटर) – मो. 9301264553, कोंच एवं नदीगांव विकासखंड हेतु श्री वीरपाल (ब्लॉक कोऑर्डिनेटर) – मो. 6394334866, महेवा एवं कदौरा विकासखंड हेतु श्री लव कुमार (ब्लॉक कोऑर्डिनेटर) – मो. 8317071855, माधौगढ़ एवं रामपुरा विकासखंड हेतु श्री विजय त्रिवेदी (ब्लॉक कोऑर्डिनेटर) – मो. 9984770747। उप कृषि निदेशक ने बताया कि इसके अतिरिक्त जनपद स्तर पर राजस्व एवं कृषि विभाग तथा बीमा कंपनी के प्रतिनिधियों की संयुक्त टीमें गठित कर गांव-गांव सर्वे कराया जा रहा है, ताकि किसी भी प्रभावित किसान को राहत से वंचित न रहना पड़े।उन्होंने किसानों से अपील की कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और समय से अपनी सूचना दर्ज कर शासन की योजनाओं का लाभ उठाएं। प्रशासन पूरी संवेदनशीलता के साथ किसानों के हितों की रक्षा हेतु प्रतिबद्ध है।
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