स्कूली वाहनों के दस्तावेज और सुरक्षा व्यवस्था जांची, चालकों व प्रबंधकों को दिए आवश्यक दिशा-निर्देश
संवाददाता / उरई-जालौन
स्कूली बच्चों की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यातायात पुलिस जालौन द्वारा विद्यालयों के आसपास एवं प्रमुख मार्गों पर स्कूली वाहनों की चेकिंग और यातायात जागरूकता अभियान चलाया गया। प्रभारी यातायात के नेतृत्व में यातायात पुलिस टीम ने स्कूली वाहनों की सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ आवश्यक दस्तावेजों की जांच की।
अभियान के दौरान पुलिस टीम ने स्कूली वाहन चालकों एवं विद्यालय प्रबंधन को बच्चों की सुरक्षा को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। वाहन में सुरक्षा से संबंधित व्यवस्थाओं की जांच करते हुए चालकों को यातायात नियमों का पालन करने तथा बच्चों को सुरक्षित तरीके से स्कूल लाने-ले जाने के लिए जागरूक किया गया।
आग लगने की स्थिति में फायर एक्सटिंग्विशर के इस्तेमाल की दी जानकारी
अभियान के दौरान स्कूली वाहनों में आग लगने जैसी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए अग्निशमन उपकरण (फायर एक्सटिंग्विशर) के सही एवं सुरक्षित उपयोग की जानकारी दी गई।
पुलिस टीम ने वाहन चालकों और विद्यालय प्रबंधन को बताया कि स्कूली वाहनों में उपलब्ध अग्निशमन उपकरण चालू हालत में रहना चाहिए। आपात स्थिति में घबराने के बजाय निर्धारित तरीके से फायर एक्सटिंग्विशर का इस्तेमाल कर आग पर नियंत्रण पाने का प्रयास किया जाना चाहिए।
इमरजेंसी गेट को सुचारु रखने पर जोर
यातायात पुलिस ने स्कूली वाहनों में मौजूद आपातकालीन निकास द्वार (इमरजेंसी गेट) के महत्व के बारे में भी जानकारी दी। बताया गया कि किसी भी आपात स्थिति में बच्चों को सुरक्षित और शीघ्र वाहन से बाहर निकालने के लिए इमरजेंसी गेट का सुचारु स्थिति में होना जरूरी है।
पुलिस टीम ने स्पष्ट किया कि इमरजेंसी गेट के सामने किसी भी प्रकार की बाधा नहीं होनी चाहिए, ताकि जरूरत पड़ने पर बच्चे और वाहन में मौजूद अन्य लोग आसानी से बाहर निकल सकें।
यातायात पुलिस जालौन ने आमजन से अपील की कि वे यातायात नियमों का पालन करें और सड़क सुरक्षा के साथ-साथ स्कूली बच्चों की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने में पुलिस का सहयोग करें। पुलिस द्वारा इस प्रकार के जागरूकता एवं चेकिंग अभियान आगे भी जारी रखने पर जोर दिया गया।