पुलिस लाइन में ‘डिजिटल सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी समिट’, कंटेंट क्रिएटर्स को जिम्मेदार कंटेंट के लिए किया जागरूक
संवाददाता
उरई/जालौन
उरई। सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव और डिजिटल अपराधों की चुनौतियों के बीच सोमवार को पुलिस लाइन उरई में ‘डिजिटल सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी समिट’ का आयोजन किया गया। पुलिस अधीक्षक जालौन की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर्स के साथ डिजिटल प्लेटफॉर्म के सुरक्षित एवं जिम्मेदार इस्तेमाल को लेकर चर्चा की गई।
समिट में फेक न्यूज, अफवाहों की रोकथाम, साइबर अपराध, ऑनलाइन फ्रॉड, डिजिटल प्राइवेसी, महिला एवं बाल सुरक्षा तथा जिम्मेदार कंटेंट निर्माण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से मंथन हुआ। पुलिस अधिकारियों ने कंटेंट क्रिएटर्स से अपील की कि किसी भी खबर या सूचना को सोशल मीडिया पर प्रसारित करने से पहले उसकी सत्यता और विश्वसनीय स्रोत से पुष्टि जरूर करें।
अफवाहों को रोकने में सोशल मीडिया की अहम भूमिका
पुलिस अधीक्षक ने कहा कि सोशल मीडिया समाज को जागरूक और सशक्त बनाने का प्रभावी माध्यम है। इसका जिम्मेदारीपूर्वक इस्तेमाल किया जाए तो यह जन-जागरूकता और साइबर सुरक्षा से जुड़े अभियानों को घर-घर तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर भ्रामक या अपुष्ट जानकारी तेजी से फैलने से समाज में भ्रम की स्थिति पैदा हो सकती है। ऐसे में कंटेंट क्रिएटर्स की जिम्मेदारी है कि वे तथ्यपरक और विश्वसनीय जानकारी को ही लोगों तक पहुंचाएं।
पुलिस और कंटेंट क्रिएटर्स के बीच समन्वय पर जोर
समिट के दौरान पुलिस और सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर्स के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर भी जोर दिया गया। साथ ही साइबर सुरक्षा, डिजिटल जागरूकता और जनहित से जुड़े पुलिस अभियानों को सोशल मीडिया के माध्यम से अधिक व्यापक स्तर तक पहुंचाने को लेकर विचार-विमर्श किया गया।
कार्यक्रम में कंटेंट क्रिएटर्स को सोशल मीडिया के सकारात्मक उपयोग, डिजिटल सुरक्षा और जिम्मेदार ऑनलाइन व्यवहार के प्रति जागरूक किया गया।