सड़क सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता, लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं : जिलाधिकारी रॉन्ग साइड, ओवरस्पीडिंग और अवैध पार्किंग के खिलाफ चलेगा विशेष अभियान, टोल प्लाजा पर 24 घंटे प्रसारित होंगे सड़क सुरक्षा संदेश

संवाददाता, उरई/जालौन

जनपद में सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण, सुरक्षित यातायात व्यवस्था तथा आमजन के जीवन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जिला सड़क सुरक्षा समिति की समीक्षा बैठक में संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने कहा कि सड़क सुरक्षा के प्रति किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी तथा यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिए कि कानपुर-झांसी फोरलेन पर स्थित एट एवं आटा टोल प्लाजा पर पब्लिक एनाउंसमेंट सिस्टम के माध्यम से चौबीसों घंटे सड़क सुरक्षा संबंधी संदेश प्रसारित किए जाएं। विशेष रूप से रात्रि के समय वाहन चालकों को थकान एवं नींद की स्थिति में विश्राम करने के लिए जागरूक किया जाए, जिससे दुर्घटनाओं की संभावना कम हो सके।

बैठक में स्वास्थ्य एवं परिवहन विभाग को टोल प्लाजा पर नियमित स्वास्थ्य परीक्षण शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए गए। इन शिविरों में वाहन चालकों के मधुमेह, रक्तचाप, नेत्र परीक्षण सहित अन्य आवश्यक स्वास्थ्य जांच की जाएगी।

जिलाधिकारी ने फोरलेन मार्ग पर निर्धारित ले-बाई क्षेत्र के अतिरिक्त अन्य स्थानों पर खड़े वाहनों को तत्काल हटाने तथा संबंधित वाहन स्वामियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सड़क किनारे अनियमित पार्किंग दुर्घटनाओं का प्रमुख कारण है और इसके प्रति शून्य सहनशीलता की नीति अपनाई जाएगी।

उन्होंने परिवहन एवं पुलिस विभाग को संयुक्त अभियान चलाकर रॉन्ग साइड वाहन संचालन, ओवरस्पीडिंग, नशे की हालत में वाहन चलाने तथा हेलमेट एवं सीट बेल्ट का प्रयोग न करने वाले वाहन चालकों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

शहर को जाममुक्त एवं सुरक्षित बनाने के लिए जिला परिषद चौराहे से अंबेडकर चौराहे तक अतिक्रमण हटाने और सड़क चौड़ीकरण कार्य को प्राथमिकता से पूरा कराने के निर्देश दिए गए। साथ ही बिना पार्किंग व्यवस्था वाले व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए।

जिलाधिकारी ने नगर क्षेत्र में स्ट्रीट लाइट व्यवस्था सुदृढ़ करने, जर्जर विद्युत पोल बदलने तथा सड़क की दृश्यता प्रभावित करने वाले अवैध होर्डिंग्स एवं विज्ञापन बोर्ड हटाने के निर्देश दिए। उन्होंने दुर्घटना की स्थिति में त्वरित उपचार सुनिश्चित करने के लिए मेडिकल कॉलेज एवं स्वास्थ्य विभाग को उपलब्ध एम्बुलेंस और जीवनरक्षक संसाधनों का प्रभावी उपयोग करने पर भी बल दिया।

उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल नियमों का विषय नहीं बल्कि प्रत्येक नागरिक के जीवन और परिवार की सुरक्षा से जुड़ा दायित्व है। जिला प्रशासन सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने तथा जनपद में सुरक्षित और अनुशासित यातायात संस्कृति विकसित करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी केके सिंह, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) राजीव राज, एआरटीओ प्रशासन सौम्या पाण्डेय सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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