संवाददाता
उरई/जालौन
सहायक महानिरीक्षक निबंधन अजय कुमार ने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा पंजीकरण प्रक्रिया को अधिक सरल, पारदर्शी एवं जनसुलभ बनाने के उद्देश्य से ई-पंजीकरण (E-Registration) व्यवस्था लागू की गई है। वर्तमान में पंजीकरण कार्यवाही उत्तर प्रदेश ऑनलाइन दस्तावेज रजिस्ट्रीकरण नियमावली-2024 के अंतर्गत प्रेरणा सॉफ्टवेयर के माध्यम से संपादित की जा रही है।
उन्होंने बताया कि ई-रजिस्ट्रीकरण प्रणाली के तहत अधिकृत संस्थाओं के माध्यम से दस्तावेजों के पंजीकरण की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इस प्रक्रिया में पक्षकारों की उपस्थिति संबंधित संस्था के कार्यालय में आवश्यक होगी तथा प्रत्येक संस्था द्वारा एक प्राधिकृत अधिकारी नामित किया जाएगा। संस्थाओं को विभागीय पोर्टल पर कार्य करने के लिए अलग लॉगिन उपलब्ध कराया जाएगा।
ई-पंजीकरण केवल स्वीकृत योजनाओं एवं अनुमोदित दस्तावेजों के लिए ही मान्य होगा। दस्तावेजों का प्रारूप ऑनलाइन अनुमोदन के बाद स्वीकार किया जाएगा। पूरी प्रक्रिया में बायोमेट्रिक उपकरण, डिजिटल पहचान और डिजिटल हस्ताक्षर का उपयोग अनिवार्य रहेगा। स्टाम्प शुल्क एवं पंजीकरण शुल्क का भुगतान भी ऑनलाइन माध्यम से किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि पक्षकारों का सत्यापन आधार आधारित ई-केवाईसी अथवा अन्य वैध पहचान पत्रों के माध्यम से किया जाएगा। फोटो, डिजिटल हस्ताक्षर एवं बायोमेट्रिक सत्यापन के उपरांत दस्तावेज इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से संबंधित उप निबंधक को भेजे जाएंगे, जहां उनका ऑनलाइन परीक्षण एवं सत्यापन किया जाएगा।
उप निबंधक द्वारा रजिस्ट्रीकरण एवं पृष्ठांकन की संपूर्ण प्रक्रिया डिजिटल माध्यम से पूरी की जाएगी तथा पंजीकृत दस्तावेज विभागीय पोर्टल पर सुरक्षित रूप से संरक्षित रहेंगे। इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से प्रस्तुत और पंजीकृत दस्तावेज पूरी तरह विधिक रूप से मान्य होंगे।
सहायक महानिरीक्षक निबंधन ने कहा कि ई-पंजीकरण व्यवस्था का उद्देश्य नागरिकों को त्वरित, सुविधाजनक और पारदर्शी सेवाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने अधिवक्ताओं, दस्तावेज लेखकों तथा आमजन से इस नई व्यवस्था की जानकारी प्राप्त कर इसका अधिकतम लाभ उठाने की अपील की। साथ ही निर्देश दिए कि ई-पंजीकरण से संबंधित सभी कार्य केवल महानिरीक्षक निबंधन द्वारा अधिकृत संस्थाओं के माध्यम से ही निर्धारित नियमों के अनुसार संपादित किए जाएं।