संवाददाता, उरई
उरई, 12 मई 2026। उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्रीमती शाम्भवी ने जिला कारागार उरई का साप्ताहिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने विभिन्न बैरकों का भ्रमण कर निरुद्ध बंदियों से बातचीत की तथा उनकी समस्याओं को सुनकर जेल प्रशासन को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान सचिव महोदया ने जेल परिसर एवं बंदियों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का जायजा लिया। उन्होंने उन बंदियों के संबंध में विशेष जानकारी प्राप्त की जिनकी जमानत सक्षम न्यायालय से हो चुकी है, लेकिन जमानतदार न मिलने के कारण वे अभी तक रिहा नहीं हो सके हैं।
उन्होंने जेल प्रशासन को निर्देशित किया कि ऐसे बंदियों की सूची तत्काल जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जालौन कार्यालय को उपलब्ध कराई जाए, ताकि प्रभावी पैरवी कर उनकी शीघ्र रिहाई सुनिश्चित कराई जा सके। साथ ही आर्थिक रूप से कमजोर बंदियों की जमानत राज्य की ओर से जिला अधिकार प्राप्त समिति के माध्यम से कराए जाने की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
सचिव महोदया ने बंदियों को उपलब्ध कराई जा रही विधिक सहायता, मुकदमों की पैरवी, महिला बंदियों एवं उनके साथ रह रहे बच्चों की चिकित्सा तथा खान-पान संबंधी व्यवस्थाओं की भी जानकारी ली। उन्होंने जेल प्रशासन को निर्देशित किया कि जिन बंदियों के पास निजी अधिवक्ता नहीं हैं अथवा जिनकी न्यायालय में समुचित पैरवी नहीं हो पा रही है, उन्हें विधिक सहायता उपलब्ध कराने हेतु आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
इसके उपरांत उन्होंने जेल चिकित्सालय का निरीक्षण कर स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान बंदियों से उनकी समस्याओं के बारे में पूछा गया, जिस पर बंदियों द्वारा किसी विशेष समस्या से इंकार किया गया।
इस अवसर पर जेल अधीक्षक नीरज देव, कारापाल प्रदीप कुमार, चिकित्साधिकारी डॉ. राहुल बर्मन, उपकारापाल अमर सिंह, संगेश कुमार तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जालौन के लिपिक शुभम शुक्ला उपस्थित रहे।