नई दिल्ली। संसद के आगामी मानसून सत्र को सुचारु रूप से संचालित करने और विभिन्न राष्ट्रीय मुद्दों पर राजनीतिक दलों के विचार जानने के उद्देश्य से रविवार को संसद भवन परिसर में केंद्र सरकार द्वारा सर्वदलीय बैठक आयोजित की गई। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई यह बैठक लगभग तीन घंटे तक चली, जिसमें केंद्र सरकार के वरिष्ठ मंत्रियों तथा विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने भाग लिया।
बैठक में सरकार की ओर से सभी दलों से संसद की कार्यवाही को शांतिपूर्ण, सकारात्मक और सुचारु ढंग से चलाने में सहयोग देने की अपील की गई। वहीं विपक्षी दलों ने देश से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर संसद में विस्तृत चर्चा कराने की मांग उठाई।
बैठक के दौरान विपक्ष ने ऑपरेशन सिंदूर, पहलगाम आतंकी हमला, मणिपुर की स्थिति, बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR), महंगाई, बेरोजगारी तथा अन्य जनहित के विषयों को संसद में प्राथमिकता से उठाने की बात कही। विपक्ष का कहना था कि इन मुद्दों पर सरकार को सदन में विस्तृत जवाब देना चाहिए।
बैठक के बाद केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि सभी राजनीतिक दलों ने अपने-अपने सुझाव और मांगें सरकार के समक्ष रखीं। उन्होंने कहा कि सरकार लोकतांत्रिक परंपराओं का सम्मान करती है और संसद के नियमों के अनुरूप सभी महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा के लिए तैयार है।
किरण रिजिजू ने कहा कि संसद लोकतंत्र का सर्वोच्च मंच है और सरकार चाहती है कि मानसून सत्र के दौरान अधिक से अधिक विधायी कार्य पूरे हों। उन्होंने सभी दलों से सकारात्मक सहयोग की अपील करते हुए कहा कि सरकार और विपक्ष दोनों की जिम्मेदारी है कि संसद की कार्यवाही बाधित न हो और जनता से जुड़े मुद्दों पर सार्थक चर्चा हो।
बैठक में विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने भी अपने सुझाव दिए और संसदीय परंपराओं का पालन करते हुए जनहित के मुद्दों पर चर्चा कराने की मांग की। सरकार ने भरोसा दिलाया कि सभी सुझावों और मांगों पर नियमों एवं संसदीय प्रक्रिया के अनुरूप विचार किया जाएगा।
गौरतलब है कि संसद का मानसून सत्र शुरू होने से पहले परंपरा के अनुसार सर्वदलीय बैठक आयोजित की जाती है, ताकि सरकार और विपक्ष के बीच बेहतर समन्वय स्थापित हो सके तथा सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से संचालित की जा सके। इस बार भी बैठक में कई महत्वपूर्ण राष्ट्रीय एवं राजनीतिक विषयों पर व्यापक चर्चा हुई।