समयसीमा के बाद प्राप्त आवेदनों पर नहीं होगा विचार, निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने पर एनएससी की राशि होगी अवमुक्त
संवाददाता
कानपुर देहात
कानपुर देहात, 06 अगस्त। प्रभागीय वनाधिकारी, कानपुर देहात वन प्रभाग द्वारा जनसामान्य को सूचित किया गया है कि जनपद में वर्ष 2003-04 से 2019-20 तक वृक्ष पातन अनुज्ञा की स्वीकृति प्राप्त करने वाले आवेदकों द्वारा प्रत्येक एक वृक्ष के बदले 10 वृक्ष लगाए जाने के संबंध में जमानत धनराशि के रूप में राष्ट्रीय बचत पत्र (एनएससी) वन विभाग के कार्यालय में जमा कराए गए थे।
प्रभागीय वनाधिकारी प्रोमिला ने बताया कि जिन आवेदकों द्वारा निर्धारित वृक्षारोपण कार्य पूर्ण कर लिया गया है और उनके राष्ट्रीय बचत पत्र कार्यालय में जमा हैं, वे संबंधित क्षेत्रीय वन अधिकारी से वृक्षारोपण की स्थलीय जांच कराकर आवश्यक पुष्ट प्रमाणों के साथ अपना प्रार्थना-पत्र 25 अगस्त 2026 तक कार्यालय में प्रस्तुत कर सकते हैं।
उन्होंने बताया कि स्थलीय जांच में वृक्षारोपण कार्य संतोषजनक पाए जाने के बाद नियमानुसार जमा राष्ट्रीय बचत पत्र उनके वास्तविक हकदारों को अवमुक्त किए जाएंगे।
निर्धारित समय तक आवेदन न करने पर एनएससी होगी जब्त
प्रभागीय वनाधिकारी ने स्पष्ट किया कि यदि किसी कारणवश राष्ट्रीय बचत पत्रों के वास्तविक हकदार निर्धारित तिथि तक कार्यालय में उपस्थित नहीं होते हैं अथवा आवश्यक प्रमाण-पत्र एवं साक्ष्य प्रस्तुत करने में असफल रहते हैं, तो उत्तर प्रदेश वृक्ष संरक्षण अधिनियम-1976 (यथासंशोधित) के प्रावधानों के तहत जमा राष्ट्रीय बचत पत्र विभाग के पक्ष में जब्त किए जा सकते हैं।
उन्होंने बताया कि 25 अगस्त 2026 के बाद प्राप्त किसी भी आवेदन अथवा प्रत्यावेदन पर विचार नहीं किया जाएगा। निर्धारित समयसीमा समाप्त होने के बाद जब्त धनराशि को राज्य सरकार के पक्ष में जमा कराकर उसका उपयोग वृक्षारोपण कार्यों में किए जाने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी जाएगी।
समय से आवेदन प्रस्तुत करने की अपील
वन विभाग ने संबंधित आवेदकों से अपील की है कि वे निर्धारित समयसीमा के भीतर आवश्यक अभिलेखों एवं प्रमाणों के साथ अपना आवेदन प्रस्तुत करें, ताकि सत्यापन एवं निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने के बाद उनकी जमा जमानत राशि वापस की जा सके।
विभाग ने आवेदकों से यह भी अनुरोध किया है कि अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना संबंधित क्षेत्रीय वन अधिकारी से संपर्क कर वृक्षारोपण की स्थलीय जांच एवं आवश्यक अभिलेखों की प्रक्रिया समय से पूरी करा लें।