संवाददाता
लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संक्षिप्त लेकिन प्रभावशाली संबोधन में विपक्ष पर तीखा हमला बोला। करीब पांच मिनट के भाषण में मुख्यमंत्री ने कानून-व्यवस्था, विकास कार्यों और प्रदेश सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए विपक्ष के आरोपों का जवाब दिया। विधानसभा का मानसून सत्र 3 अगस्त से शुरू हुआ है, जिसमें अनुपूरक बजट सहित कई महत्वपूर्ण विधायी कार्य प्रस्तावित हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश में कानून का राज स्थापित हुआ है और सरकार बिना किसी भेदभाव के विकास कार्यों को आगे बढ़ा रही है। उन्होंने कहा कि राज्य में निवेश, रोजगार, आधारभूत संरचना और जनकल्याणकारी योजनाओं के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य हुए हैं, जिनका लाभ प्रदेश की जनता को मिल रहा है।
सदन में अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर जनता को भ्रमित करने का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार तथ्यों और विकास के आधार पर काम कर रही है, जबकि विपक्ष केवल राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप में व्यस्त है। उन्होंने कहा कि जनता सब कुछ देख रही है और प्रदेश में सुशासन तथा विकास की राजनीति को लगातार समर्थन मिल रहा है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सरकार गरीबों, किसानों, युवाओं और महिलाओं के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। प्रदेश में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं को मजबूत करने के लिए लगातार कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि उत्तर प्रदेश विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है और सरकार जनहित के हर मुद्दे पर पूरी गंभीरता से कार्य कर रही है।
विपक्ष ने भी सरकार को घेरा
मुख्यमंत्री के संबोधन के बाद विपक्षी दलों ने विभिन्न मुद्दों को लेकर सरकार से सवाल पूछे और अपनी आपत्तियां दर्ज कराईं। सदन में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच कई मुद्दों पर तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली। विधानसभा अध्यक्ष ने दोनों पक्षों से संसदीय मर्यादा बनाए रखने की अपील करते हुए सदन की कार्यवाही को सुचारु रूप से संचालित किया।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि मुख्यमंत्री का यह संक्षिप्त भाषण आगामी राजनीतिक रणनीति और विधानसभा में सरकार के रुख का स्पष्ट संकेत माना जा रहा है। विपक्ष ने जहां सरकार के दावों पर सवाल उठाए, वहीं सत्ता पक्ष ने मुख्यमंत्री के वक्तव्य को प्रदेश की विकास यात्रा का प्रतिबिंब बताया।