मिशन सेफ फ्यूचर 2.0 के तहत स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर जिला विद्यालय यान परिवहन सुरक्षा समिति की विशेष बैठक

संवाददाता
कानपुर देहात

जनपद में स्कूली बच्चों के सुरक्षित आवागमन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से संचालित “मिशन सेफ फ्यूचर 2.0” के अंतर्गत जिला विद्यालय यान परिवहन सुरक्षा समिति की विशेष बैठक बुधवार को मां मुक्तेश्वरी देवी सभागार कक्ष में आयोजित की गई। बैठक में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मा. मंत्री, खादी एवं ग्रामोद्योग, रेशम, हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग विभाग श्री राकेश सचान तथा मा. राज्यमंत्री, महिला कल्याण, बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग एवं अकबरपुर विधानसभा क्षेत्र की सदस्य श्रीमती प्रतिभा शुक्ला विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में शामिल हुईं।

बैठक में जिलाधिकारी कपिल सिंह, पुलिस अधीक्षक श्रद्धा नरेंद्र पाण्डेय, अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) अमित कुमार, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन एवं प्रवर्तन) सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। इस दौरान 10 जुलाई 2026 को हुई पिछली बैठक में लिए गए निर्णयों के अनुपालन की समीक्षा की गई तथा स्कूली बच्चों की सुरक्षा से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा हुई।

स्कूली बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक को संबोधित करते हुए मा. राज्यमंत्री श्रीमती प्रतिभा शुक्ला ने कहा कि स्कूली बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और उनके सुरक्षित आवागमन में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। विद्यालय प्रबंधन यह सुनिश्चित करे कि बच्चों के परिवहन में लगाए गए सभी वाहन निर्धारित सुरक्षा मानकों को पूरा करते हों। उन्होंने स्कूली वाहन चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस, स्वास्थ्य एवं चरित्र सत्यापन की प्रक्रिया पूर्ण कराने तथा विद्यालय प्रबंधन एवं अभिभावकों को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करने पर जोर दिया।

मा. मंत्री श्री राकेश सचान ने कहा कि स्कूली वाहनों के संचालन में निर्धारित सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन कराया जाना आवश्यक है। उन्होंने फिटनेस, परमिट एवं वाहन चालकों के वैध दस्तावेजों की जांच में किसी भी प्रकार की शिथिलता न बरतने तथा मानक-विहीन एवं अनधिकृत वाहनों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

46 वाहनों का चालान, 8 वाहन किए गए निरुद्ध

जिलाधिकारी कपिल सिंह ने कहा कि जनपद में स्कूली बच्चों का सुरक्षित परिवहन प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने निर्देश दिए कि बच्चों के परिवहन में केवल निर्धारित मानकों को पूरा करने वाले वैध वाहनों का ही उपयोग किया जाए।

उन्होंने बताया कि “मिशन सेफ फ्यूचर 2.0” के अंतर्गत 11 से 18 अगस्त 2026 तक चलाए गए विशेष सत्यापन अभियान में 46 स्कूली वाहनों का चालान किया गया तथा 8 वाहनों को निरुद्ध किया गया। फिटनेस एवं परमिट समाप्त पाए गए वाहनों के संबंध में संबंधित विद्यालयों को नोटिस भी जारी किए गए हैं।

बैठक में स्पष्ट किया गया कि निजी वाहनों के रूप में पंजीकृत वाहनों का उपयोग स्कूली छात्र-छात्राओं के परिवहन के लिए नहीं किया जाएगा।

जनपद में 674 स्कूली वाहन पंजीकृत

बैठक में बताया गया कि जनपद में कुल 674 स्कूली वाहन पंजीकृत हैं। इनमें 640 वाहन विद्यालयों के नाम से पंजीकृत हैं, जबकि 34 वाहन विद्यालयों में अनुबंधित हैं। वर्तमान में 27 वाहनों की फिटनेस तथा 29 वाहनों के परमिट समाप्त पाए गए हैं। संबंधित विद्यालयों को इस संबंध में नोटिस जारी किए जा चुके हैं।

परिवहन विभाग द्वारा विद्यालयों में पहुंचकर वाहनों का भौतिक सत्यापन कराया जा रहा है। बिना वैध फिटनेस एवं परमिट के संचालित वाहनों के विरुद्ध चालान एवं निरुद्ध करने की कार्रवाई जारी रखने के निर्देश दिए गए।

विद्यालयों में परिवहन सुरक्षा समितियों का गठन

उत्तर प्रदेश मोटर वाहन नियमावली-2019 के अनुपालन में सभी अशासकीय सहायता प्राप्त एवं मान्यता प्राप्त बेसिक तथा माध्यमिक विद्यालयों में विद्यालय परिवहन सुरक्षा समिति का गठन कर नियमित बैठकें आयोजित कराने के निर्देश दिए गए हैं।

जनपद में माध्यमिक शिक्षा विभाग से संबंधित 330 विद्यालय संचालित हैं। इन विद्यालयों में परिवहन सुरक्षा समितियों की नियमित बैठकें कराने के साथ-साथ सड़क सुरक्षा को लेकर जागरूकता कार्यक्रम भी संचालित किए जा रहे हैं।

चालकों के लाइसेंस और चरित्र सत्यापन पर जोर

बैठक में निर्देश दिए गए कि सभी स्कूली वाहन चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस, स्वास्थ्य परीक्षण एवं चरित्र सत्यापन की कार्रवाई संबंधित विद्यालयों के प्रधानाचार्य एवं प्रबंधक द्वारा सुनिश्चित की जाए। विद्यालयों से शपथपत्रों की प्रमाणित प्रतियां प्राप्त कर सत्यापन की कार्रवाई की जा रही है, जिसकी निगरानी बेसिक शिक्षा अधिकारी एवं जिला विद्यालय निरीक्षक द्वारा की जा रही है।

साथ ही स्कूली वाहनों के चालकों एवं परिचालकों को श्रम विभाग द्वारा निर्धारित न्यूनतम वेतन से कम भुगतान न किए जाने के निर्देश दिए गए।

निर्धारित परिवहन शुल्क से अधिक वसूली पर रोक

शासन के निर्देशों के अनुसार विद्यार्थियों से लिए जाने वाले परिवहन शुल्क की निर्धारित सीमा का पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए। विद्यालयों को निर्धारित शुल्क से अधिक वसूली न करने के लिए निर्देशित किया गया है तथा इसका नियमित अनुश्रवण खंड शिक्षा अधिकारियों द्वारा किया जा रहा है।

जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि बार-बार नोटिस दिए जाने के बावजूद बिना वैध दस्तावेजों अथवा निर्धारित सुरक्षा मानकों के स्कूली वाहन संचालित करने वाले विद्यालयों के विरुद्ध संबंधित नोडल अधिकारियों के माध्यम से नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाए।

बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को पूर्व में लिए गए निर्णयों के अनुपालन की आख्या एवं आवश्यक अभिलेख शीघ्र उपलब्ध कराने तथा आगामी बैठक में प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि परिवहन विभाग, यातायात पुलिस, बेसिक शिक्षा विभाग एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग के समन्वय से स्कूली बच्चों की सुरक्षा के लिए अभियान निरंतर जारी रखा जाएगा।

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