मिशन शक्ति की चार स्वर्ण पदक विजेता बालिकाएं बनीं प्रेरणा, दिया सुरक्षा और संवाद का संदेश

‘रुको, एक बार सोचो; घर छोड़ने से पहले एक बार बात करो’ अभियान के जरिए बालिकाओं को किया जागरूक

संवाददाता
कानपुर देहात।

मिशन शक्ति फेज-6.0 के तहत पुलिस अधीक्षक श्रद्धा नरेन्द्र पाण्डेय के नेतृत्व में पुलिस कार्यालय में बालिका सुरक्षा, सम्मान एवं सशक्तिकरण को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें राज्य स्तरीय तीरंदाजी प्रतियोगिता की चार स्वर्ण पदक विजेता बालिकाओं ने सहभागिता की। ये चारों बालिकाएं जनपद में मिशन शक्ति अभियान की एम्बेसडर हैं और अपनी उपलब्धियों से अन्य बालिकाओं को आगे बढ़ने की प्रेरणा दे रही हैं।

एसपी ने बालिकाओं का बढ़ाया उत्साह

कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक ने चारों खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए उनकी उपलब्धियों को बालिका सशक्तिकरण का प्रेरणादायी उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि बालिकाओं को सुरक्षित वातावरण, उचित मार्गदर्शन और आगे बढ़ने के समान अवसर मिलना जरूरी है। आत्मविश्वास, दृढ़ इच्छाशक्ति और मेहनत के बल पर बालिकाएं हर क्षेत्र में सफलता हासिल कर सकती हैं।

घर छोड़ने से पहले संवाद करने की अपील

अभियान के तहत ‘रुको, एक बार सोचो; घर छोड़ने से पहले एक बार बात करो’ संदेश के माध्यम से बालिकाओं को समझाया गया कि पारिवारिक तनाव, भावनात्मक परेशानी या किसी अन्य समस्या की स्थिति में जल्दबाजी में निर्णय न लें। अपनी बात अभिभावकों, शिक्षकों अथवा मिशन शक्ति केंद्र पर तैनात महिला पुलिसकर्मियों से साझा करें और उचित सहायता प्राप्त करें। साथ ही अभिभावकों से भी बालिकाओं की समस्याओं को संवेदनशीलता से सुनने और उनके साथ संवाद बनाए रखने की अपील की गई।

278 बालिकाएं घर लौट चुकीं

पुलिस के अनुसार, आईआईटी कानपुर और कानपुर देहात पुलिस के सामूहिक विश्लेषण में सामने आया है कि वर्ष 2026 में अब तक घर छोड़कर गईं 278 बालिकाएं वापस लौट चुकी हैं। इस तथ्य के मद्देनजर बालिकाओं को धैर्य रखने, अपनी समस्याएं साझा करने और संवाद के माध्यम से समाधान तलाशने के प्रति जागरूक किया गया।

हेल्पलाइन नंबरों की दी जानकारी

पुलिस अधीक्षक ने कहा कि महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान तथा स्वावलंबन सुनिश्चित करना पुलिस के साथ-साथ परिवार और समाज की भी सामूहिक जिम्मेदारी है। इस दौरान महिला हेल्पलाइन 1090, आपातकालीन पुलिस सेवा 112, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 और वन स्टॉप सेंटर 181 की जानकारी देकर जरूरत पड़ने पर सहायता लेने के लिए प्रेरित किया गया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *