फसल नुकसान पर 72 घंटे में करें क्लेम, बीमा योजना बनेगी किसानों का सुरक्षा कवच

अतिवृष्टि, जलभराव, बाढ़, ओलावृष्टि और बेमौसम बारिश से नुकसान पर समय से सूचना देने की अपील

संवाददाता / कानपुर देहात

कानपुर देहात। अतिवृष्टि, जलभराव, बाढ़, सूखा, ओलावृष्टि, बेमौसम बारिश और कीट-व्याधि जैसी प्राकृतिक आपदाओं से फसलों को होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना किसानों के लिए महत्वपूर्ण सुरक्षा कवच है। जिला कृषि अधिकारी प्राची पांडे ने बीमित किसानों से अपील की है कि फसल क्षति होने की स्थिति में निर्धारित समय-सीमा के भीतर क्लेम दर्ज कराकर योजना का लाभ उठाएं।

जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत प्राकृतिक आपदाओं के कारण खड़ी फसल को होने वाले नुकसान के साथ-साथ कटाई के बाद खेत में सुखाने के लिए रखी गई फसल को होने वाले नुकसान की स्थिति में भी नियमानुसार बीमा लाभ प्राप्त किया जा सकता है।

स्थानीय आपदा में 72 घंटे के भीतर दें सूचना

स्थानीय आपदा जैसे ओलावृष्टि, बाढ़ और बेमौसम बारिश से फसल प्रभावित होने की स्थिति में किसान को घटना के 72 घंटे के भीतर फसल क्षति की सूचना देना अनिवार्य है। इसलिए किसानों को फसल में नुकसान होने के बाद किसी भी प्रकार की देरी न करते हुए निर्धारित समय में क्लेम दर्ज कराने की सलाह दी गई है।

वहीं, कटाई के बाद खेत में सुखाने के लिए रखी फसल को प्राकृतिक आपदा से नुकसान होने की स्थिति में किसान 14 दिनों के भीतर क्लेम दर्ज करा सकते हैं।

इन माध्यमों से दर्ज कराएं फसल नुकसान की सूचना

किसान फसल नुकसान की सूचना दर्ज कराने के लिए कृषि रक्षक हेल्पलाइन नंबर 14447 पर कॉल कर सकते हैं। इसके अलावा व्हाट्सऐप चैटबॉट 7065514447, Crop Insurance App तथा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के पोर्टल के माध्यम से भी क्लेम दर्ज कराया जा सकता है।

किसान अपनी फसल क्षति की सूचना संबंधित बीमा कंपनी, बैंक, सीएससी केंद्र अथवा उप कृषि निदेशक/जिला कृषि अधिकारी कार्यालय में संपर्क करके भी दे सकते हैं।

क्लेम के लिए ये जानकारी रखें तैयार

क्लेम दर्ज कराते समय किसानों को बीमित फसल का नाम, सर्वे/खसरा नंबर, पॉलिसी संख्या और प्रभावित क्षेत्रफल से संबंधित जानकारी तैयार रखनी चाहिए। इससे फसल क्षति की सूचना दर्ज कराने और आगे की प्रक्रिया में सुविधा होगी।

विभाग के अनुसार किसान द्वारा फसल क्षति की सूचना दिए जाने के बाद निर्धारित प्रक्रिया के तहत बीमा कंपनी एवं कृषि विभाग द्वारा प्रभावित खेत का निरीक्षण किया जाता है। इसके बाद मौके पर फसल को हुई क्षति का आकलन किया जाता है।

पात्रता के अनुसार खाते में भेजी जाएगी बीमा राशि

क्षति के आकलन एवं निर्धारित प्रक्रिया के बाद पात्रता के अनुसार बीमा लाभ स्वीकृत होने पर बीमा राशि डीबीटी के माध्यम से आधार-लिंक्ड बैंक खाते में भेजी जाती है।

जिला कृषि अधिकारी ने किसानों से अपील की है कि फसल क्षति होने पर निर्धारित समय-सीमा का विशेष ध्यान रखें। स्थानीय आपदा से नुकसान होने पर 72 घंटे के भीतर और कटाई के बाद खेत में रखी फसल को नुकसान होने पर निर्धारित 14 दिन की अवधि में सूचना दर्ज कराकर प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ उठाएं।

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