उरई, 27 मई 2026 (सूचना विभाग)।
जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने भीषण गर्मी एवं हीटवेव को दृष्टिगत रखते हुए जनपद के समस्त नागरिकों एवं पशुपालकों से अपील की है कि वे अपने परिवार तथा पशुओं के स्वास्थ्य एवं सुरक्षा के लिए आवश्यक सावधानियों का पालन करें।
उन्होंने बताया कि अत्यधिक गर्मी के दौरान स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से बचने हेतु नागरिकों को विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता है।
जनसामान्य के लिए क्या करें
- दिन में 12 बजे से शाम 4 बजे तक अत्यधिक धूप में निकलने से बचें।
- पर्याप्त मात्रा में पानी, ORS, नींबू पानी, छाछ एवं अन्य तरल पदार्थों का सेवन करें।
- हल्के रंग के सूती एवं ढीले कपड़े पहनें।
- सिर को टोपी, गमछा अथवा छाते से ढककर रखें।
- बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं एवं बीमार व्यक्तियों का विशेष ध्यान रखें।
- खेतों एवं खुले स्थानों पर कार्य प्रातः या सायंकाल के समय करें।
- घर एवं कार्यस्थल को हवादार बनाए रखें।
क्या न करें
- खाली पेट घर से बाहर न निकलें।
- तेज धूप में अत्यधिक मेहनत वाले कार्य न करें।
- बंद वाहनों में बच्चों अथवा पशुओं को अकेला न छोड़ें।
- बासी एवं खुले खाद्य पदार्थों का सेवन न करें।
- अत्यधिक चाय, कॉफी एवं नशीले पदार्थों के सेवन से बचें।
पशुपालकों हेतु आवश्यक सावधानियां
- पशुओं को पर्याप्त मात्रा में स्वच्छ एवं ठंडा पानी उपलब्ध कराएं।
- पशुओं को छायादार एवं हवादार स्थान पर रखें।
- दोपहर के समय पशुओं को चराने अथवा अधिक दूरी तक ले जाने से बचें।
- हरे चारे एवं संतुलित आहार की समुचित व्यवस्था करें।
हीट स्ट्रोक के प्रमुख लक्षण
- तेज बुखार
- चक्कर आना
- अत्यधिक कमजोरी
- उल्टी अथवा घबराहट
- पसीना बंद होना
- बेहोशी
जिलाधिकारी ने बताया कि यदि किसी व्यक्ति में उपरोक्त लक्षण दिखाई दें तो उसे तत्काल छायादार स्थान पर ले जाकर पानी उपलब्ध कराएं तथा निकटतम चिकित्सालय से संपर्क करें।
उन्होंने कहा कि “सावधानी ही सुरक्षा है।” सभी नागरिक एवं पशुपालक हीटवेव से बचाव हेतु प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।